
देश में कितनी सरकारी सीमेंट फैक्ट्रियां चल रहीं, कितनी बंद हुईं; नागौर सांसद को मिला यह जवाब
बेनीवाल ने लिखा, सरकार ने पुरानी तकनीक सहित जो कारण इन सीमेंट इकाइयों के बंद होने के दिए हैं, उससे यह प्रतीत हो रहा है कि सरकार इन इकाइयों को पुन: शुरू करने को लेकर इच्छुक ही नहीं है।
राजस्थान की नागौर लोकसभा सीट से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने फिलहाल जारी संसद के शीतकालीन सत्र में एक प्रश्न पूछा, जिसके बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने वर्तमान समय में देश में चल रही सरकारी सीमेंट फैक्ट्रियों और बीते कुछ सालों में बंद हुईं सीमेंट फैक्ट्रियों के बारे में जानकारी मांगी। इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि ये फैक्ट्रियां किस राज्य में और कहां चल रही हैं। साथ ही बंद हो चुकी फैक्ट्रियों को शुरू करने को लेकर सरकार की कोई योजना है या नहीं।
देश में चल रहीं तीन सरकारी सीमेंट फैक्ट्रियां
भारत सरकार की तरफ से भारी उद्योग मंत्रालय ने उन्हें इस सवाल का जवाब दिया और बताया कि वर्तमान में देश में केवल तीन सरकारी सीमेंट फैक्ट्रियां चल रही हैं। जिनका संचालन CCI (सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि ये सीमेंट इकाइयां असम के बोकाजान, हिमाचल के राजबन और तेलंगाना के तंदूर में चल रही हैं और इनकी कुल उत्पादन क्षमता 14.46 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष है।
बीते सालों में बंद हुई 7 सरकारी सीमेंट फैक्ट्रियां
इसके अलावा मंत्रालय ने अलग-अलग राज्यों में बंद हो चुकीं सरकारी सीमेंट फैक्ट्रियों की जानकारी देते हुए कहा कि बीते कुछ सालों के दौरान सीसीआई ने अपनी सात निष्क्रिय सीमेंट इकाइयों को बंद कर दिया। इसके साथ ही विभाग ने इन्हें बंद करने की वजह के बारे में भी बताया। अपने जवाब के साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि सीमेंट क्षेत्र में उसका नए केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम की स्थापना करने का या CCI की बंद इकाई को पुनर्जीवित करने की कोई योजना नहीं है।
सरकार के जवाब से नाखुश दिखे बेनीवाल
लोकसभा में पूछे अपने प्रश्न के बारे में बताते हुए बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'बंद पड़ी हुई सरकारी सीमेंट इकाइयों को पुन: शुरू करने व नई सरकारी सीमेंट इकाई शुरू करने को लेकर भारत सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीं है, यह जानकारी वर्तमान में चले रहे शीतकालीन सत्र में मेरे सवाल पर भारी उद्योग राज्य मंत्री जी ने सदन में दी है। मध्यप्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, छत्तीसगढ़ व हरियाणा राज्य में वर्ष 1996 से लेकर 1998 तक 7 सरकारी सीमेंट इकाईयों को बंद कर दिया गया, सरकार ने पुरानी तकनीक सहित जो कारण इन सीमेंट इकाइयों के बंद होने के दिए हैं, उससे यह प्रतीत हो रहा है कि सरकार इन इकाइयों को पुन: शुरू करने को लेकर इच्छुक ही नहीं है। आम जन को सस्ती सीमेंट मिल सके, इस दिशा में सरकार को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।'
बेनीवाल ने लोकसभा में पूछे थे यह प्रश्न:
क्या भारी उद्योग मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) देश में वर्तमान में चल रही सरकारी सीमेंट कंपनियों/कारखानों का राज्य-वार और स्थान-वार ब्यौरा क्या है और उनकी कुल संख्या कितनी है;
(ख) क्या विगत कुछ वर्षों के दौरान देश में कई सरकारी सीमेंट कम्पनियां बंद हो गई हैं;
(ग) यदि हां, तो बंद की गई सीमेंट कंपनियों/कारखानों का ब्यौरा क्या है और उनके बंद होने के क्या कारण हैं तथा इसका नामवार और स्थानवार ब्यौरा क्या है;
(घ) क्या सरकार का जनता को वहनीय मूल्य पर सीमेंट उपलब्ध कराने के लिए नई सरकारी सीमेंट कंपनियों की स्थापना करने अथवा बंद पड़ी सरकारी सीमेंट कंपनियों का पुनरुद्धार करने का विचार है; और
(ङ) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?
देश कब बंद हुई कौन सी सरकारी सीमेंट फैक्ट्री
| क्रम संख्या | कहां पर थी फैक्ट्री | कब से संचालन नहीं हो रहा | बंद करने की वजह |
|---|---|---|---|
| 1. | नयागांव (मध्य प्रदेश) | 1997 | नई क्लिंकरीकरण प्रौद्योगिकी स्थापित की गई, लेकिन सीमेंट संयंत्र से सफलतापूर्वक नहीं जोड़ी गई |
| 2. | कुरकुंटा (कर्नाटक) | 1998 | पुरानी तकनीक और उच्च उत्पादन लागत |
| 3. | चरखी दादरी (हरियाणा) | 1996 | उपयुक्त चूना पत्थर की कमी |
| 4. | भटिंडा ग्राइंडिंग यूनिट (पंजाब) | संयंत्र उपकरण स्थापित नहीं | |
| 5. | मांढर (छत्तीसगढ़) | 1996 | पुरानी तकनीक और उच्च उत्पादन लागत |
| 6. | आदिलाबाद (तेलंगाना) | 1998 | पुरानी तकनीक और उच्च उत्पादन लागत |
| 7. | अकलतरा (छत्तीसगढ़) | 1996 | पुरानी तकनीक और उच्च उत्पादन लागत |





