राजस्थान में नगरपालिका की पूर्व उपाध्यक्ष ने की खुदकुशी, तीन दिन पहले पिता को फोन कर ले जाने को कहा था
थाना प्रभारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि साल 2021 में जब सुनीता ने नगर पार्षद का चुनाव लड़ा था, तो ससुराल वालों उस वक्त भी उसे प्रताड़ित करके मायके से तीन लाख रुपए लाने का दबाव बनाया था।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में खेतड़ी नगर पालिका की पूर्व उपाध्यक्ष ने बुधवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी देते हुए मेहाड़ा थाने के प्रभारी राममनोहर ने बताया कि मृतक सुनीता जलन्द्रा (35) के भाई अर्पित कुमावत की शिकायत के आधार पर पति समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज के लिए हत्या का मामला दर्ज किया है। परिजनों का कहना है कि घटना से दो-तीन दिन पहले उसने फोन करके जान का खतरा बताया था।
अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार सुनीता की शादी 13 नवंबर 2013 को खेतड़ी के निवासी गजेंद्र से हुई थी और इस शादी में परिवार ने करीब 40 लाख रुपए खर्च किए थे। शिकायत के अनुसार शादी में जेवरात, नकदी व घरेलू सामान दिया गया था, इसके बावजूद ससुराल वाले दहेज के लिए सुनीता को प्रताड़ित करते रहे।
शादी के बाद मांगी लग्जरी गाड़ी और 11 लाख कैश
थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इतना सब करने के बाद भी ससुराल वाले लग्जरी गाड़ी और 11 लाख रुपए की मांग करते रहे और बेटे के जन्म के समय भी मायके वालों ने 2.51 लाख रुपए नकद, 10 तोला सोना व 500 ग्राम चांदी दी थी, लेकिन इसके बाद भी सुनीता को प्रताड़ित किया जाता रहा।
चुनाव के वक्त 3 लाख रुपए लेकर आने को कहा
थाना प्रभारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि साल 2021 में जब सुनीता ने नगर पार्षद का चुनाव लड़ा था, तो ससुराल वालों उस वक्त भी उसे प्रताड़ित करके मायके से तीन लाख रुपए लाने का दबाव बनाया था। परिजनों के अनुसार घटना से दो-तीन दिन पहले सुनीता ने पिता को फोन कर जान को खतरा बताया था और ससुराल से ले जाने की गुहार लगाई थी।
परिजन बोले- हत्या कर फंदे पर लटकाया
परिवार का आरोप है कि महिला के हाथों और बगल में चोट के निशान मिले हैं, जिससे मारपीट के बाद हत्या करके फंदे पर लटकाने की आशंका जताई जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि सुनीता ने आत्महत्या की है या उसे बाद में फंदे पर लटकाया गया है इसकी जांच की जा रही है। साथ ही ससुराल पक्ष पर लगाए गए दहेज प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।


