विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे थे हमलावर; हमले के बाद CJP के आशुतोष रांका का दावा, मदन दिलावर को चेतावनी
आशुतोष रांका ने दावा किया है कि सोची समझी साजिश के तहत सीजेपी की टीम पर हमला किया गया है। और तो और बार-बार संपर्क करने के बावजूद पुलिस भी वहां नहीं थी।

राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका पर हुए हमले के बाद उन्होंने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया वह गांववाले नहीं बल्कि बीजेपी के गुंडे थे। उन्होंने कहा, उन पर हमला करने वाले वही लोग थे जो एक रात पहले स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ देखे गए थे। उन्होंने दावा किया है कि इस हमले की तैयारी पहले से की गई थी और उनका इरादा उनकी हत्या का था। इसकी के साथ उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब उन पर हमला किया जा रहा था तब पुलिस भी वहां नहीं थी, जबकि उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही थी।
आशुतोष रांका ने कहास कल जो घटना हुई, जिसमें मारपीट और हिंसा हुई, उसमें बाहर से गुंडे बुलाए गए थे। हमने आज ट्विटर पर इन सभी लोगों की तस्वीरें शेयर की हैं। यही लोग पिछली रात स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे देखे गए थे। यह साफ है कि यह एक बहुत ही सुनियोजित और सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला था।
जान लेता चाहते थे हमलावर- आशुतोष रांका
उन्होंने कहा, जिस तरह के पत्थर इस्तेमाल किए गए, उनसे लगता है कि वे जान लेने के इरादे से आए थे। कल पुलिस मौके पर बिल्कुल नहीं थी, जबकि हमने उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश की। फिर भी कोई जवाब नहीं मिला। अब पूरा देश और दुनिया देखेगी कि क्या राजस्थान पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करती है या नहीं।
एफआईआर को लेकर क्या बोले आशुतोष रांका
आशुतोष रांका ने कहा, कल हमारी कानूनी टीम और हमले के शिकार लोग वहां मौजूद थे। हमने कल ही अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, और मुझे बताया गया है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हम डरने वाले लोग नहीं हैं, और न ही हम हिंसा का सहारा लेने या पीछे हटने वाले लोग हैं। हम स्कूल को ठीक कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं, और उसी दृढ़ संकल्प के साथ यह लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा. मदन दिलावर ने अ खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। अब पूरा देश राजस्थान भर के स्कूलों की दयनीय स्थिति देखेगा। उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। हम रुकने, झुकने या डरने वाले लोग नहीं हैं। मैं खुद जल्द ही फिर से स्कूलों का दौरा करूंगा। यह मुद्दा अब सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। अब मांग सीधे मदन दिलावर के इस्तीफ़े की होगी। आप अपनी ज़िम्मेदारियां ठीक से निभाने में नाकाम रहे हैं।


