चंदलाई झील पर NGT का आदेश, बुलडजोर से हटाया जाएगा अतिक्रमण; क्या बोले जज

Jan 21, 2026 09:12 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, टोंक
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राजस्थान के टोंक जिले में स्थित चंदलाई झील को लेकर एनजीटी ने गहरी चिंता जताई है। एनजीटी ने झील के किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया है।

चंदलाई झील पर NGT का आदेश, बुलडजोर से हटाया जाएगा अतिक्रमण; क्या बोले जज

राजस्थान की चंदलाई झील पर अतिक्रमण कर बनाए गए निर्माण, इंडस्ट्रियल कचरा बहाने और टेक्सटाइल फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई है। एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने टोंक की चंदलाई झील पर हुए अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया है।

इस मामले पर निर्देश देते हुए जस्टिस शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह देखते हुए कि पूरा देश पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए जिम्मेदारी से काम करने की उम्मीद है और किसी वेटलैंड/ वाटर बॉडी के पास निर्माण का काम शुरू करने से पहले गहरा अध्ययम करने की जरूरत है।

एनजीटी के आदेश में कहा गया है कि हम जानते हैं कि इस बात का संज्ञान ले सकते हैं कि पूरा देश पीने के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है और यह एक वैश्विक समस्या भी है। एनजीटी ने कहा कि यही कारण है कि सरकारी अधिकारियों को पर्यावरण और पारस्थितिकी की सुरक्षा के लिए और खासकर वैटलैंड की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी से काम करने की जरूरत है।

NGT ने क्या कहा

बेंच ने दुख जताया कि अमीर वर्ग और उनके लालच ने विकास के नाम पर पहले शहरों को बर्बात किया और अब वे जंगलों, झीलों, नदियों, झरनों और अलग-अलग तरह की वाटर बॉडीज और वेटलैंड्स सहित प्राकृतिक पेड़-पौधों की ओर बढ़ रहे हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि कॉमर्शियल या रिहायशी निर्माण प्रोजेक्ट्स को वेटलैंड या वॉटर बॉडीज वगैरह के पास होने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन प्रमोटर और डेवलपर आमतौर पर ऐसी जगहें चुनते हैं, ताकि वे अपने प्रोजेक्ट्स की बिक्री में ज्यादा पैसे कमा सकें।

बेंच ने राज्य सरकार और संबंधित कलेक्टर को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऐसे सभी कंस्ट्रक्शन और अतिक्रमण चंदलाई झील के पास से हटा दिए जाएं। बेंच ने निर्देश दिया है कि अतिक्रमण हटाने के बाद मामले की रिपोर्ट भी सौंपी जाए।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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