
वसुंधरा को सात समंदर पार भेजा, अब भजनलाल को भेजूंगा;बीकानेर में गरजे सांसद हनुमान बेनीवाल
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हनुमान बेनीवाल के तेवर देखने को मिले। नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने बीकानेर में पार्टी के स्थापना दिवस पर आयोजित महारैली में ऐसा बयान दिया
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हनुमान बेनीवाल के तेवर देखने को मिले। नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने बीकानेर में पार्टी के स्थापना दिवस पर आयोजित महारैली में ऐसा बयान दिया, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी। भीड़ से खचाखच भरे पंडाल में बेनीवाल ने खुले मंच से कहा— “वसुंधरा को सात समंदर पार भेज दिया, अब भजनलाल की बारी है।”

यह बयान न केवल बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर तंज था, बल्कि इस बात का संकेत भी कि बेनीवाल एक बार फिर सियासी जंग के लिए मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने अपने भाषण में वसुंधरा राजे से लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक किसी को नहीं छोड़ा।
बेनीवाल ने बीकानेर की धरती से दोनों राष्ट्रीय दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति दो दलों के बीच उलझकर रह गई है, और दोनों ही जनता के मुद्दों से कट चुके हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब राजस्थान में तीसरी ताकत को स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा, “यह वही राजस्थान है, जहां अपराध और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। किसानों और युवाओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। अब प्रदेश को एक नई दिशा देने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की है।”
अपने भाषण का सबसे तीखा हिस्सा तब आया जब बेनीवाल ने वसुंधरा राजे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“जब मैं वसुंधरा के खिलाफ लड़ा था, तब लोगों ने कहा कि वो मुझे कुचल देंगी, जेल में डाल देंगी। मैंने तब कहा था कि इन्हें सात समंदर पार भेज दूंगा… और भेज दिया, उसी जगह, जहां उनके दोस्त ललित मोदी हैं।”
बेनीवाल के इस बयान ने सभा में बैठे समर्थकों के बीच जोश भर दिया। यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि बेनीवाल आने वाले समय में भाजपा नेतृत्व, खासकर पुराने गुटों पर राजनीतिक प्रहार जारी रखेंगे।
वसुंधरा के बाद बेनीवाल ने निशाना साधा भजनलाल शर्मा सरकार पर। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार भी भ्रष्टाचार और अफसरशाही से घिरी हुई है।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा,
“अब भजनलाल की बारी है। ये सरकार भी उन्हीं अफसरों के सहारे चल रही है जो पिछली कांग्रेस सरकार में फोन टैपिंग जैसे विवादों में शामिल थे। जिन पर कार्रवाई होनी थी, वो आज फिर से कुर्सियों पर बैठे हैं।”
बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने पहले भी सचिन पायलट के समर्थन में अपने तीन विधायकों के साथ खड़ा होकर राजनीतिक ईमानदारी दिखाई थी, लेकिन कांग्रेस ने उस वक्त जो वादे किए, वे आज तक पूरे नहीं हुए।
बेनीवाल ने मंच से साफ कहा कि वे “सेमीफाइनल नहीं, फाइनल लड़ाई” लड़ते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं 25 साल से सत्ता को ठोकर मारकर किसान और गरीबों के साथ खड़ा हूं। मुझे न सत्ता झुका सकती है, न कोई रेड डरा सकती है। मैं आखिरी दम तक इस सड़ी-गली व्यवस्था के खिलाफ लड़ूंगा।”
बीकानेर की इस महारैली से हनुमान बेनीवाल ने न केवल अपने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की, बल्कि यह भी जताया कि वे एक बार फिर राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बनने की तैयारी में हैं।
वसुंधरा राजे और भजनलाल शर्मा पर दिए उनके बयान ने साफ कर दिया है कि बेनीवाल अब किसी समझौते की राजनीति में नहीं, बल्कि “टकराव की राजनीति” में उतर चुके हैं — और उनका अगला निशाना सीधा सत्ता के शीर्ष पर है।

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