भिवाडी ब्लास्ट: सुरक्षा को ताक पर रख चल रही थी फैक्ट्री? एक हफ्ते में खुलेगा राज; मामला दर्ज
मृतक मिंटू के छोटे भाई राजकुमार ने थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि फैक्ट्री में काम की प्रकृति खतरनाक है और बिना सुरक्षा इंतजाम के कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

अलवर जिले के भिवाड़ी क्षेत्र के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए भीषण फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने देर रात फैक्ट्री संचालक सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी और मजदूरों से बिना किसी सेफ्टी उपकरण के जोखिम भरा काम कराया जा रहा था। प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने की बात कही है।
मृतक मिंटू के छोटे भाई राजकुमार ने थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया कि फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि फैक्ट्री में काम की प्रकृति खतरनाक है और बिना सुरक्षा इंतजाम के कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद मजदूरों को न तो हेलमेट, न दस्ताने और न ही अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लालच और लापरवाही के कारण मजदूरों की जान जोखिम में डाली गई, जिसका नतीजा यह दर्दनाक ब्लास्ट रहा।
संभावित खतरे की पूरी जानकारी थी?
एफआईआर में फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), हेमंत कुमार शर्मा निवासी शाहजहांपुर जिला कोटपूतली-बहरोड़ (राजस्थान), कंपनी सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी निवासी मटियरिया थाना हरसौली जिला मोतिहारी (बिहार) और ठेकेदार अजीत पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी खुशखेड़ा जिला खैरथल-तिजारा (राजस्थान) को नामजद किया गया है। परिजनों का कहना है कि इन सभी को फैक्ट्री की कार्यप्रणाली और संभावित खतरे की पूरी जानकारी थी, फिर भी मजदूरों से कार्य कराया जाता रहा।
निरीक्षण के बाद फैक्ट्री परिसर सील
घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और तकनीकी टीम से ब्लास्ट के कारणों की जांच करवाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उचित मुआवजे की मांग कर रहे
सरकार को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसमें हादसे के कारण, जिम्मेदार पक्षों की भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल होंगे। मृतकों के परिजन न्याय और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
रिपोर्ट हंसराज


