राजस्थान: जोधपुर यूनिवर्सिटी फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध,कलेक्टर टीना डाबी ने प्रशासनिक भूमिका से किया इनकार

Dec 22, 2025 09:08 am ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, बाड़मेर, जोधपुर
share Share
Follow Us on

राजस्थान के बाड़मेर जिले में रविवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब एक स्थानीय कॉलेज में परीक्षा शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात की मांग को लेकर धरना तेज कर दिया।

राजस्थान: जोधपुर यूनिवर्सिटी फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध,कलेक्टर टीना डाबी ने प्रशासनिक भूमिका से किया इनकार

राजस्थान के बाड़मेर जिले में रविवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब एक स्थानीय कॉलेज में परीक्षा शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात की मांग को लेकर धरना तेज कर दिया। इस दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई, वहीं सोशल मीडिया पर कलेक्टर को लेकर की गई टिप्पणियों ने पूरे मामले को और तूल दे दिया।

मामला बाड़मेर स्थित महाराणा भूपाल कॉलेज (एमबीसी) गर्ल्स कॉलेज का है, जहां छात्राएं विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ धरने पर बैठी थीं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से सीधे मुलाकात की मांग की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के मुताबिक, कुछ छात्रों ने कलेक्टर टीना डाबी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “रील स्टार” कहा, जो उनके सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की ओर इशारा माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इसी टिप्पणी के बाद हालात और बिगड़ गए। छात्रों और मौके पर मौजूद पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई। छात्र धरना समाप्त करने को तैयार नहीं थे और सड़क जाम कर कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे। प्रशासन का कहना है कि छात्रों को बार-बार समझाया गया कि यह मामला जिला प्रशासन का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच का है।

इस बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे चार छात्रों को हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस और जिला प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी छात्र को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही हिरासत में लिया गया।

जिला कलेक्टर टीना डाबी ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि फीस बढ़ोतरी का निर्णय विश्वविद्यालय स्तर का है, जिसमें जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि जोधपुर विश्वविद्यालय के कुलपति ने छात्रों से बातचीत कर आश्वासन दिया था कि परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी को वापस लिया जाएगा।

टीना डाबी ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा,

“यह मामला पूरी तरह से छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच का है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने छात्रों को भरोसा दिया कि फीस बढ़ोतरी वापस ले ली जाएगी, इसके बावजूद कुछ छात्र मुझसे मिलने की जिद पर अड़े रहे।”

उन्होंने आगे बताया कि स्थिति को शांत करने के लिए एसडीएम और तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था, जिन्होंने छात्रों को अवगत कराया कि कुलपति स्तर पर मामला सुलझ चुका है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे रहे और यातायात बाधित किया गया। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए छात्रों को पुलिस थाने ले जाकर बातचीत की गई।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार की हिरासत नहीं थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि

“कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरने के लिए गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। छात्रों को केवल बातचीत के लिए थाने लाया गया था, बाद में सभी को छोड़ दिया गया।”

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फीस बढ़ोतरी वापस लेने के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, कलेक्टर को लेकर की गई टिप्पणियों और सोशल मीडिया पर फैले दावों ने प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद की कमी को उजागर कर दिया है। राजस्थान में छात्र आंदोलनों के बीच बाड़मेर की यह घटना अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।