मां की हत्या मामले में गिरफ्तार आयुषी पिता की मौत में भी शामिल थी, मामा ने किया चौंकाने वाला दावा
राजस्थान में नीरज शर्मा मर्डर मामले में उनके भाई ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि मां की हत्या मामले में गिरफ्तार आयुषी अपने पिता की मौत के मामले में शामिल रही है। कहा कि पिता की बीमारी के दौरान आयुषी ने उनका सही से इलाज नहीं होने दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली नीरज शर्मा की हत्या की जांच में एक नया मोड़ आया है। पुलिस अब उनके पति विजय शर्मा की 2025 में हुई मौत की जांच कर रही है। उनके साले ने शिकायत की थी कि उनके जीजा की मौत स्वाभाविक कारणों से नहीं हुई थी।
बड़ी साजिश का हिस्सा
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अपनी मां की हत्या के मामले में गिरफ्तार आयुषी शर्मा के मामा ने दावा किया है कि वह अपने पिता विजय शर्मा की मौत में भी शामिल थी। यह मौत पारिवारिक संपत्ति और सरकारी नौकरी से जुड़ी एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताई जा रही है। यह ताजा घटनाक्रम तब सामने आया है जब पुलिस ने 23 साल की आयुषी शर्मा को अपनी मां नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसने यह साजिश अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि और कई अन्य आरोपियों की मदद से रची थी। रवि अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि लोअर डिवीजन क्लर्क नीरज को 3 जुलाई को जयपुर के प्रताप नगर में जान-बूझकर एक स्कॉर्पियो से कुचल दिया गया था, ताकि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके। इस मामले में आयुषी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि रवि का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
आयुषी के मामा ने आरोप लगाया
यह नई शिकायत राकेश शर्मा ने दर्ज कराई है, जो नीरज शर्मा के भाई और आयुषी के मामा हैं। उन्होंने विजय शर्मा की मौत की जांच के लिए पुलिस और कोर्ट से संपर्क किया है। राकेश का आरोप है कि राजस्थान हाई कोर्ट में कोर्ट मास्टर रहे विजय गंभीर रूप से बीमार थे, लेकिन ठीक हो रहे थे। ठीक होने के दौरान आयुषी ने उन्हें सही इलाज नहीं लेने दिया।
उन्होंने दावा किया कि आयुषी अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ विजय को घर से यह कहकर ले गई थी कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए ले जा रही है। लेकिन उसने लगभग तीन महीने तक यह नहीं बताया कि विजय कहां हैं। शिकायत के अनुसार, बाद में आयुषी ने परिवार को बताया कि विजय को जयपुर के निविक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि विजय के शरीर का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद आयुषी विजय को घर ले आई, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
राकेश ने आगे आरोप लगाया कि आयुषी और रवि ने अपने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया। विजय की मौत के तुरंत बाद आयुषी ने घोषणा की कि वह अपने पिता की सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करेगी और साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि परिवार की संपत्ति उसके नाम कर दी जाए।
आयुषी ने मां को धमकी दी
राकेश ने यह भी आरोप लगाया है कि एक बार बहस के दौरान आयुषी ने अपनी मां को धमकी दी थी। उसने कहा था कि अगर उसके पिता की फीडिंग ट्यूब हटाकर उनकी जान ली जा सकती है तो वह उन्हें भी मार सकती है। उन्होंने बताया कि बाद में नीरज ने एक वाट्ससप स्टेटस लगाया था, जिसमें कहा गया था कि उसके पास जीने के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं।
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि 2024 में विजय को ब्रेन हैमरेज होने के बाद आयुषी ने उनके इलाज की जानकारी छिपाई थी। उसने उन्हें किसी अज्ञात जगह पर रखा और अप्रैल 2025 में मौत से कुछ समय पहले अस्पताल में भर्ती कराए जाने तक वहीं रखा।
आयुषी अपनी मां से नफरत करती थी
हत्या के मामले में पूछताछ के दौरान आयुषी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि वह लंबे समय से अपनी मां से नाराज थी। उसे लगता था कि उसे अपने दिव्यांग भाई की तुलना में कम प्यार मिलता था। पुलिस ने बताया कि उसने रवि के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की योजना बनाने की बात कबूल की। इसके पीछे परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद और मां के प्रति गहरी नफरत को वजह बताया। जांचकर्ताओं ने एलएलबी के फाइनल ईयर की इस छात्रा को कानून की समझ रखने वाली और बहुत सोच-समझकर काम करने वाली बताया है। पुलिस ने कहा है कि उससे पूछताछ में मनोवैज्ञानिक भी मदद करेंगे।
रवि अभी भी फरार
डीसीपी रंजीता शर्मा ने बताया कि रवि अभी भी फरार है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने बताया कि विजय शर्मा की मौत के बारे में नीरज शर्मा के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच नीरज की हत्या की चल रही जांच के हिस्से के तौर पर की जाएगी। नई जांच के नतीजों से यह तय होगा कि क्या पुलिस विजय की मौत के मामले में और आरोप जोड़ेगी या कोई अलग मामला दर्ज करेगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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