अमेरिका की दादागिरी पर चुप्पी शर्मनाक, गहलोत का केंद्र पर बड़ा हमला; याद दिलाया 2013 का 'जैसे को तैसा' जवाब
अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को श्रीलंका के पास हमला कर डूबो दिया था। इसमें 80 से ज्यादा सैनिकों की मौत की बात सामने आ रही है। हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया था।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमला भारत की साख पर सवाल है। गहलोत ने इसके साथ ही इस मामले में केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत की शक्ति स्वतंत्र आवाज में है न कि 'जी-हुजूरी' में है।
गहलोत ने कहा 'भारत देश की शक्ति उसकी स्वतंत्र आवाज में है, न कि किसी की 'जी-हुजूरी' में। नेहरू जी के गुट निरपेक्ष आंदोलन से लेकर इंदिरा जी की निडर कूटनीति तक, भारत कभी किसी महाशक्ति के दबाव में नहीं झुका। हम सभी को 2013 का देवयानी खोबरागड़े मामला भी याद करना चाहिए जब डॉक्टर मनमोहन सिंह जी की सरकार ने अमेरिकी राजनयिकों की सुविधाएं छीनकर 'जैसे को तैसा' जवाब दिया था। भारत ने कभी भी किसी दूसरे देश के दबाव में आकर अपनी संप्रभुता और नीतियों से समझौता नहीं किया। मगर हमारे ही समुद्री पड़ोस में #MILAN2026 के मेहमान ईरानी युद्धपोत IRIS Dena का शिकार होना और हमारी 'रणनीतिक चुप्पी', भारत की साख पर सवाल उठाती है। अमेरिका की इस मनमानी पर चुप रहना 'अतिथि देवो भव' के हमारे संस्कारों और सैन्य गौरव के खिलाफ है।
भारत की 'चुप्पी' क्या कूटनीतिक दबाव का संकेत?
उन्होंने आगे कहा कि 'हिंद महासागर का असली रक्षक कहलाने वाले भारत की 'चुप्पी' क्या कूटनीतिक दबाव का संकेत है? एक उभरती महाशक्ति को अपने क्षेत्र में होने वाली ऐसी हिंसक घटनाओं पर मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए। अगर हम हिंद महासागर के असली रक्षक हैं, तो हमें अपनी स्वायत्तता और मेहमान की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना होगा।'
80 से ज्यादा सैनिकों की मौत
आपको बता दें कि अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को श्रीलंका के पास हमला कर डूबो दिया था। इसमें 80 से ज्यादा सैनिकों की मौत की बात सामने आ रही है। हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया था। यह ईरानी युद्धपोत भारत द्वारा आयोजित 'मिलन नौसैनिक अभ्यास' से लौट रहा था।
युद्ध का पांचवां दिन
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज पांचवां दिन है। मिडिल ईस्ट में जारी यह संकट अभी कुछ दिनों तक चलेगा। हालात सुधरने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है तो वहीं इजरायल भी लगातार मिसाइलें बरसा रहा है। युद्ध में अमेरिका भी इजरायल का भरपूर साथ दे रहा है।
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