
राजस्थान ब्लू ड्रम केस: पत्नी की मौत के बाद जितेंद्र का 3 और महिलाओं से था अवैध रिश्ता,चौथी के लिए कत्ल
अलवर जिले के खैरथल-तिजारा उपखंड के किशनगढ़बास कस्बे में 17 अगस्त की सुबह एक बदबू ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया।
अलवर जिले के खैरथल-तिजारा उपखंड के किशनगढ़बास कस्बे में 17 अगस्त की सुबह एक बदबू ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। आदर्श कॉलोनी के एक घर की छत पर रखे नीले ड्रम से तेज दुर्गंध उठ रही थी। मकान मालिक की पत्नी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने ड्रम खोला तो भीतर नमक से ढकी लाश पड़ी थी। शव की गला रेता हुआ था। पहचान हुई तो पता चला कि मृतक यूपी के शाहजहांपुर का रहने वाला हंसराम उर्फ सूरज है। लेकिन असली रहस्य इसके बाद खुला।

हंसराम पत्नी लक्ष्मी देवी और तीन बच्चों के साथ किशनगढ़बास में ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। उसी भट्टे पर जितेंद्र शर्मा मुनीम था। काम के दौरान लक्ष्मी और जितेंद्र के बीच नज़दीकियां बढ़ीं और अवैध संबंधों की शुरुआत हो गई। मजदूरों का कहना है कि जितेंद्र अक्सर हंसराम को काम से बाहर भेज देता और खुद लक्ष्मी के पास पहुंच जाता। धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता गहराता चला गया।
करीब डेढ़ महीने पहले जितेंद्र हंसराम और उसकी पत्नी को अपने घर किराए पर ले आया। यहीं से हत्या की साजिश ने जन्म लिया।
जितेंद्र ने अपने पिता राजेश शर्मा और मां मिथलेश को हंसराम का नाम सूरज और उसकी पत्नी का नाम सुनीता बताया। घरवालों को यही भरोसा दिलाया कि दोनों उसके दोस्त हैं और ईंट-भट्टे में साथ काम करते हैं। असलियत छुपाकर उसने उन्हें अपने ही घर की ऊपरी मंजिल में कमरा दिला दिया।
परिवार को शक न हो, इसके लिए जितेंद्र और हंसराम अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। वहीं लक्ष्मी बार-बार अपने पति से नाखुश होने की बातें करती। ये सब सुनकर जितेंद्र का हौसला और बढ़ गया।
15 अगस्त की रात हंसराम घर पर ही था। उसी दौरान लक्ष्मी और जितेंद्र ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। धारदार हथियार से उसका गला रेता गया। फिर शव को नीले ड्रम में डालकर ऊपर कमरे में छुपा दिया। ड्रम पर नमक डाल दिया गया ताकि सड़ांध देर से फैले। इसके बाद दोनों फरार हो गए। साथ ही लक्ष्मी अपने तीनों बच्चों को भी लेकर गायब हो गई।
दो दिन बाद ड्रम से उठती बदबू ने रहस्य खोल दिया। पुलिस पहुंची तो मंजर देख सन्न रह गई।
जांच में जितेंद्र के पुराने राज़ भी सामने आने लगे। उसकी पत्नी शशि शर्मा की 11 साल पहले करंट लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजनों का कहना है कि शशि के शरीर पर चोट जैसे निशान थे, लेकिन गरीब मायकेवालों को दबाकर मामला पंचायत से सुलझा दिया गया।
इसके बाद जितेंद्र का अफेयर पड़ोस में रहने वाली एक शादीशुदा महिला से हुआ। महिला के ससुराल वालों ने उसे पीहर भेज दिया तो जितेंद्र उसे वहां से भगा लाया। दोनों तीन-चार साल तक लिव-इन में रहे। महिला ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना और भरण-पोषण का केस भी कर दिया था।
इतना ही नहीं, रिटायर्ड पुलिसकर्मी भागीरथ गौड़ के बेटे की पत्नी के साथ भी उसका संबंध रहा। गौड़ का आरोप है कि जितेंद्र ने उनकी बहू की जिंदगी बरबाद कर दी और तीन-तीन परिवार तबाह किए।
जितेंद्र की मां मिथलेश ने पुलिस को बताया कि वे बेटे के लिए रिश्ता देख रहे थे ताकि उसका घर बस सके। लेकिन डेढ़ महीने पहले जितेंद्र अचानक सूरज और सुनीता को लेकर आया और कहा कि दोनों कुछ दिन उसके यहां रहेंगे। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यही जोड़ा आगे चलकर एक खौफनाक जुर्म का हिस्सा बनेगा।
पड़ताल में सामने आया कि जितेंद्र और लक्ष्मी लंबे समय से संबंधों में थे। हत्या की रात दोनों ने मिलकर हंसराम को रास्ते से हटा दिया। अब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। लक्ष्मी ने पति की हत्या के बाद तीन बच्चों तक की जान ले ली थी या वे जिंदा हैं, इसकी जांच जारी है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


