अलवर में घर में घुसकर 80 वर्षीय व्यापारी की हत्या

लाइव हिन्दुस्तान, अलवर
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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलवर की यह घटना बताती है कि प्रदेश में अपराध किस स्तर तक बढ़ चुके हैं और आम लोगों में भय का माहौल है।

अलवर में घर में घुसकर 80 वर्षीय व्यापारी की हत्या

राजस्थान के अलवर शहर में गुरुवार शाम दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। कोतवाली थाना क्षेत्र के खदाना मोहल्ले में बदमाशों ने घर में घुसकर 80 वर्षीय व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल की हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले उनके हाथ-पैर बांध दिए, फिर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि वे शोर न मचा सकें। इसके बाद घर में रखी करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

रोज बेटे के घर खाना खाने जाते थे, गुरुवार को नहीं पहुंचे

मृतक दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले स्थित अपने मकान में अकेले रहते थे। उनके बेटे विकास अग्रवाल मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) हैं और परिवार के साथ स्कीम नंबर-4 में रहते हैं। परिजनों के अनुसार दिनेश चंद रोज रात का खाना खाने बेटे के घर जाते थे, लेकिन गुरुवार शाम जब वे तय समय तक नहीं पहुंचे तो परिवार को चिंता हुई।

बेटे विकास अग्रवाल ने पहले उन्हें फोन किया, लेकिन फोन पर घंटी नहीं गई। इसके बाद वे खदाना मोहल्ले स्थित घर पहुंचे। मुख्य गेट अंदर से बंद था। दूसरी चाबी की मदद से गेट खोला गया तो कमरे के अंदर चारपाई पर दिनेश चंद का शव पड़ा मिला। उनके हाथ, पैर और मुंह कपड़ों से बंधे हुए थे। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सामान बिखरा पड़ा था।

घर से डेढ़ लाख रुपये की नकदी गायब

परिजनों ने बताया कि घर से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद गायब हैं। परिवार के अनुसार दिनेश चंद अग्रवाल छोटे स्तर पर नए नोटों की गड्डियां और खुले रुपये उपलब्ध कराने का काम करते थे। इसी कारण वे अक्सर अपने पास एक से डेढ़ लाख रुपये नकद रखते थे।

परिवार का मानना है कि बदमाशों को पहले से इस बात की जानकारी थी कि घर में नकदी रहती है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने पहले रेकी की और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने शुरू की हर एंगल से जांच

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हत्या व लूट दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में कितने बदमाश शामिल थे और क्या किसी परिचित व्यक्ति ने उन्हें घर में रखी नकदी की जानकारी दी थी। आसपास के लोगों और संदिग्ध व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है।

पूर्व नगर परिषद चेयरमैन के मामा थे दिनेश चंद

दिनेश चंद अग्रवाल अलवर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा थे। वहीं, वे पूर्व सीएमएचओ डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई भी थे। घटना की जानकारी मिलते ही अजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।

अजय अग्रवाल ने बताया कि उनके मामा बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद करते थे। वे बैंक से नए नोट लाकर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराते थे, इसलिए उनके पास अक्सर नकदी रहती थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी को इस नकदी की जानकारी थी, जिसके बाद बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।

परिवार सदमे में, इलाके में दहशत

दिनेश चंद की बहू रीमा अग्रवाल ने बताया कि उनके ससुर पूरी तरह आत्मनिर्भर थे और कभी किसी पर बोझ नहीं बने। वे रोज तय समय पर परिवार के साथ खाना खाते थे। गुरुवार को उनके नहीं पहुंचने पर जब खोजबीन की गई तो इस भयावह घटना का पता चला।

वारदात के बाद खदाना मोहल्ले में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह घर में घुसकर हत्या और लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीति भी हुई गर्म

घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलवर की यह घटना बताती है कि प्रदेश में अपराध किस स्तर तक बढ़ चुके हैं और आम लोगों में भय का माहौल है।

फिलहाल पुलिस हत्या और लूट के इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।

रिपोर्ट- हंसराज,अलवर

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

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सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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