
पुष्कर मेले में शाहबाज का जलवा: 15 करोड़ के घोड़े ने चुराया सबका दिल,करोड़ों का मिला ऑफर
पुष्कर के रेतीले धोरों पर इस बार एक ही नाम गूंज रहा है - शाहबाज! ढोल-नगाड़ों की थाप, ऊंटों की घंटियां, और घोड़ों की टापों के बीच जब चंडीगढ़ के गैरी गिल अपने इस शानदार घोड़े के साथ मेला मैदान में उतरे
पुष्कर के रेतीले धोरों पर इस बार एक ही नाम गूंज रहा है - शाहबाज! ढोल-नगाड़ों की थाप, ऊंटों की घंटियां, और घोड़ों की टापों के बीच जब चंडीगढ़ के गैरी गिल अपने इस शानदार घोड़े के साथ मेला मैदान में उतरे, तो पूरा पंडाल ठहर गया।

लोगों की नज़रें शाहबाज पर टिक गईं 15 करोड़ रुपये की कीमत, 9 करोड़ तक मिले ऑफर, और ढाई साल की उम्र में शो-वर्ल्ड का चैंपियन।
गैरी गिल मुस्कराते हुए बताते हैं शाहबाज कई नेशनल शो जीत चुका है, और ब्रीडिंग के लिए इसकी डिमांड जबरदस्त है। एक बार कवरिंग के लिए ही 2 लाख रुपये तक फीस मिलती है। 65 इंच लंबा, रेशमी कोट, चौड़ा सीना और तेज़ चाल वाला शाहबाज अपनी रॉयल ब्रीड और शाही लुक के लिए पहचाना जाता है। भीड़ में मौजूद बच्चे से लेकर विदेशी टूरिस्ट तक, हर कोई बस एक बार मोबाइल निकालकर उसकी तस्वीर लेने से खुद को रोक नहीं पाता।
गैरी गिल ने बताया अब तक 9 करोड़ रुपये तक के ऑफर आए हैं, लेकिन मैं इसे 15 करोड़ से कम में नहीं बेचूंगा। यह सिर्फ एक घोड़ा नहीं, हमारी सालों की मेहनत, प्यार और प्राइड का नतीजा है। गैरी के साथ इस बार 40 से ज़्यादा घोड़े पुष्कर पहुंचे हैं — दबंग, भारत ध्वज, नागेश्वर जैसे नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन शाहबाज की बात ही कुछ और है।जहां भी वो कदम रखता है, वहां कैमरे खुद-ब-खुद घूम जाते हैं।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील घीया के अनुसार रविवार तक 3021 पशु दर्ज हो चुके हैं — इनमें 2102 घोड़े, 917 ऊंट, और 1-1 गौवंश व भैंस शामिल हैं।
सिर्फ रविवार को ही 1500 से ज़्यादा घोड़ों की आवक दर्ज की गई।
खुले आसमान के नीचे लाखों-करोड़ों का व्यापार चल रहा है, मोलभाव की आवाज़ें हर कोने में गूंज रही हैं।
शाम ढलते ही जैसे ही शाहबाज को एरिना में दौड़ाया गया, लोगों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट्स ऑन कर दीं।
रेगिस्तान की रेत पर उसकी चाल देखकर तालियां और हूटिंग गूंज उठी।
एक विदेशी पर्यटक बोला - This horse looks like a movie star!
गैरी ने हंसते हुए जवाब दिया - क्यों नहीं! शाहबाज किसी हीरो से कम थोड़ी है!”
शाहबाज इस वक्त सिर्फ एक घोड़ा नहीं, बल्कि पुष्कर मेले का ब्रांड फेस बन चुका है।
उसकी कीमत, चाल और चार्म ने उसे “रेगिस्तान का राजा” बना दिया है।
हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है क्या इस बार कोई 15 करोड़ में शाहबाज को खरीदेगा?
फिलहाल तो शाहबाज गैरी गिल के साथ पुष्कर की सुनहरी रेत पर अपना जलवा बिखेर रहा है।
कहने को मेला हज़ारों पशुओं का है,
लेकिन चमक सिर्फ एक की शाहबाज, द किंग ऑफ पुष्कर 2025।

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