
राजस्थान के इन 5 स्टेट हाईवे का होगा कायाकल्प, बजट में 2700 करोड़ आवंटित; बनाया जाएगा अत्याधुनिक
राजस्थान के बजट में राज्य सरकार ने प्रदेश के सड़क तंत्र को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इस दौरान वित्तमंत्री ने अगले दो सालों में सड़कों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार का बजट प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में सड़कों की हालत सुधारने व नई सड़के बनाने की तमाम घोषणाओं के साथ स्टेट हाईवे (राज्य राजमार्गों) के विकास के लिए 2700 करोड़ रुपए अलग से आवंटित किए। उन्होंने बताया कि इस राशि से प्रदेश के 5 प्रमुख स्टेट हाईवे के लगभग 500 किलोमीटर के हिस्से को विकसित करते हुए उन्हें अत्याधुनिक इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) से लैस किया जाएगा।
वित्त मंत्री दिया ने बताया कि इन सड़कों पर गति उल्लंघन का पता लगाने वाली प्रणाली (स्पीड वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम) और परिवर्तनीय संदेश बोर्ड (वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड) लगाए जाएंगे। साथ ही, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए इन राज्य राजमार्गों के किनारे अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस बजट से न केवल सड़कें, बल्कि जरूरी पुलिया और बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा।
इन 5 स्टेट हाईवे का 2700 करोड़ से होगा विकास
1. सलूम्बर-बांसवाड़ा (SH-32) का अनुभाग - 744 करोड़ रुपए (कुल लंबाई- 93 किमी)
2. दूदू से लालसोट वाया फागी-चाकसू-तूंगा अनुभाग - 675 करोड़ रुपए (कुल लंबाई- 135 किमी)
3. रोहिट (NH-65 के जंक्शन) से आहोर (NH-325 के जंक्शन) (SH-64) एवं बागड़ा तक- 555 करोड़ रुपए (कुल लंबाई- 111 किमी)
4. सांचोर (NH-15) रानीवाड़ा-मण्डार-आबू रोड (SH-11)- 535 करोड़ रुपए (107 किमी)
5. विजयनगर (NH-48 के जंक्शन) से ब्यावर (NH-58 के जंक्शन) SH-39 का अनुभाग- 210 करोड़ रुपए (42 किमी)
अगले दो साल में 3 हजार किमी लंबी सड़कों का होगा प्रमोशन
बजट भाषण के दौरान दिया कुमारी ने बताया कि राज्य में सड़क तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हमारी सरकार बीते दो सालों में 5 हजार किलोमीटर लम्बाई की सड़कों को मुख्य जिला सड़कों में क्रमोन्नत कर चुकी है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अगले दो सालों में एक हजार किलोमीटर लम्बाई से ज्यादा की सड़कों को राज्य राजमार्गों में एवं दो हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को मुख्य जिला मार्गों में क्रमोन्नत किए जाने की योजना है।
प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में मारे जा रहे 12 हजार लोग
इसके अलावा वित्त मंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष औसतन 11 हजार 700 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु होने को चिन्ता का विषय बताया और कहा कि वर्ष 2047 तक इन मौतों में 90 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए निम्न काम करने की योजना है..
1- राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों एवं शहरों में सुदृढ़ इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के लिए 100 करोड़ रुपए की लागत से चरणबद्ध रूप से लगभग दो हजार कैमरे लगाए जाएंगे।
2- ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, जंक्शन सुधार, क्रैश बैरियर, सड़क सुरक्षा बोर्ड, रोड सेफ्टी ऑडिट, अतिक्रमण हटाने व सड़क सुरक्षा सम्बन्धी कार्य हाथ में लिए जाने की योजना है। इस काम पर भी 100 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
3- प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सभी 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रेक्स का ऑटोमेशन किया जाना भी प्रस्तावित है।

लेखक के बारे में
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