चंडीगढ़ BJP दफ्तर के बाहर धमाके में किसका हाथ? ISI कनेक्शन बेनकाब, 5 गिरफ्तार

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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डीजीपी ने बताया कि यह मॉड्यूल मल्टीपल कटआउट तकनीक पर काम कर रहा था। यानी हथियारों की सप्लाई करने वाले, रेकी करने वाले और हमला करने वाले इन सबका आपस में कोई सीधा संपर्क नहीं था, ताकि पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क बेनकाब न हो सके।

चंडीगढ़ BJP दफ्तर के बाहर धमाके में किसका हाथ? ISI कनेक्शन बेनकाब, 5 गिरफ्तार

एक अप्रैल की शाम 5 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित बीजेपी कार्यालय के बाहर हुए धमाके ने पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया था। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन जांच के जो नतीजे सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। चंडीगढ़ डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि यह हमला केवल स्थानीय अपराधियों का काम नहीं था, बल्कि इसके पीछे पाकिस्तान की ISI द्वारा समर्थित एक सुव्यवस्थित नेटवर्क था।

पुलिस जांच के अनुसार, इस हमले की पूरी साजिश विदेशी धरती पर रची गई थी। पुर्तगाल और जर्मनी से कनेक्शन सामने आए हैं। हमले के मुख्य निर्देश पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे 'हैंडलर्स' द्वारा दिए गए थे। पुर्तगाल स्थित हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ 'जोत' ने पूरी योजना को अंजाम देने के लिए स्थानीय गुर्गों के साथ तालमेल बिठाया।

डीजीपी ने बताया कि यह मॉड्यूल मल्टीपल कटआउट तकनीक पर काम कर रहा था। यानी हथियारों की सप्लाई करने वाले, रेकी करने वाले और हमला करने वाले इन सबका आपस में कोई सीधा संपर्क नहीं था, ताकि पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क बेनकाब न हो सके।

पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को दबोचा है, जो पंजाब और हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। बलविंदर लाल (नवांशहर), जसवीर सिंह (नवांशहर), चरणजीत सिंह (नवांशहर), रुबल चौहान (शिमला, हिमाचल प्रदेश) और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा (संगरूर)। गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है।

हथियारों का रास्ता

जांच में पता चला कि हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की एक बड़ी खेप कई हाथों से होते हुए अंतिम हमलावरों तक पहुंची थी। एआईजी (SSOC) दीपक पारीक के अनुसार, बलजोत सिंह के इशारे पर इन हथियारों की डिलीवरी सुनिश्चित की गई थी।

अब तक की कानूनी कार्रवाई

मोहाली के स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(B) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस मॉड्यूल के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाल रही है।

हमले के बाद का सियासी घमासान

इस हमले ने पंजाब और चंडीगढ़ की राजनीति में एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने इस घटना के लिए पंजाब की 'आप' सरकार की कानून-व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि राज्य में आतंकी मॉड्यूल का सक्रिय होना गंभीर चिंता का विषय है। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां सुरक्षा से जुड़ी एक संवेदनशील घटना का राजनीतिकरण कर रही हैं और सियासी फायदे के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है, जिससे यह मामला एक त्रिकोणीय राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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