चार बार के सांसद पवन बंसल का टिकट काट कांग्रेस ने मनीष तिवारी पर क्यों खेला दांव?

मोनी देवी, लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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कांग्रेस ने शनिवार को 16 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की है। इस बार पंजाब की चंडीगढ़ सीट से पवन बंसल का टिकट काटकर मनीष तिवारी पर भरोसा जताया गया है।

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कांग्रेस ने 16 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, जिसमें चंडीगढ़ से पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल का टिकट काट दिया गया है। यहां से कांग्रेस ने मनीष तिवारी को टिकट थमा दिया। इससे पहले चंडीगढ़ के टिकट के लिए पार्टी में काफी घमासान मचा हुआ था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल आठ बार चुनाव चंडीगढ़ सीट से लड़ चुके और चार बार सांसद रहे हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल को पार्टी ने उम्मीदवार घोषित किया था। वह भाजपा उम्मीदवार किरण खेर से 46 हजार 970 वोट से हार गए थे।

मनीष तिवारी पर क्यों खेला दांव
मनीष तिवारी फिलहाल श्री आनंदपुर साहिब से सांसद हैं, लेकिन इस बार वह चंडीगढ़ से लड़ेंगे। वह लुधियाना से भी सासंद रह चुके हैं। इस बार तिवारी यहां से भाजपा के संजय टंडन को टक्कर देंगे। मनीष तिवारी साल 2012 से 2014 तक सूचना और प्रसारण मंत्री भी रहे हैं। तिवारी चंडीगढ़ के ही रहने वाले हैं। तिवारी ने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से बीए की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी कानून की पढ़ाई पूरी की। सेक्टर-19 में उनकी कोठी है। मनीष तिवारी की मां अमृता तिवारी नगर निगम की मनोनीत पार्षद भी रह चुकी हैं। 

चंडीगढ़ में इस बार बाहरी उम्मीदवार होने का मुद्दा खत्म
चंडीगढ़ के लिए भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए यहां से दो बार की सासंद किरण खेर का टिकट काटकर संजय टंडन को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, इस बार किरण खेर ने खुद ही चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। किरन ने पहली बार 2014 में इस सीट से बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2019 में भी वह इस सीट पर विजेता बनी थीं। संजय टंडन चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। उन्हें मौजूदा समय में हिमाचल प्रदेश का सह प्रभार दिया गया है। अब बाहरी और लोकल का मुद्दा खत्म हो गया। क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी के दोनों उम्मीदवार इस बार लोकल ही हैं। 

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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