फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ पंजाबछात्र वीजा पर कनाडा, गैंगस्टर और फिर मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड; कौन है गोल्डी बराड़

छात्र वीजा पर कनाडा, गैंगस्टर और फिर मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड; कौन है गोल्डी बराड़

बताया जा रहा है कि गोल्डी बराड़ कैलिफोर्निया में काफी समय से FBI के रडार पर था। वो गोल्डी बराड़ ही था जिसने मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिये जाने की खबर बिश्नोई गैंग के मेंबर्स को दी।

छात्र वीजा पर कनाडा, गैंगस्टर और फिर मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड; कौन है गोल्डी बराड़
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Fri, 02 Dec 2022 12:46 PM
ऐप पर पढ़ें

Who is goldy brar: लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है कि गोल्डी बराड़ कैलिफोर्निया में काफी समय से FBI के रडार पर था। वो गोल्डी बराड़ ही था जिसने मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिये जाने की खबर बिश्नोई गैंग के मेंबर्स को दी और शूटर्स को इकट्ठा किया। उनके लिए हथियार, गाड़ी और छिपने की जगह का बंदोबस्त किया। 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा गया गोल्डी बराड़ कैसे बिश्नोई गैंग से मिला और कुछ ही वक्त में लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी बन गया।

गोल्डी बराड़ कौन है?
गोल्डी बराड़ का जन्म पंजाब में श्री मुक्तसर साहिब में सतिंदरजीत सिंह के रूप में हुआ था। बरार 2017 में एक छात्र वीजा पर कनाडा गया और फिर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का एक सक्रिय सदस्य बन गया, यहां तक कि उसे बिश्नोई का करीबी भी माना जाता है।

मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड था बराड़
पंजाब पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, गोल्डी बराड़ ने 29 मई को पंजाब के मनसा जिले में मूसेवाला की हत्या को अंजाम देने के लिए लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और कुछ अन्य लोगों के साथ प्लानिंग की थी।

डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी की हत्या का भी मुख्य साजिशकर्ता
बराड़ पर पिछले महीने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी की हत्या में मुख्य साजिशकर्ता होने का भी आरोप है। पंजाब के फरीदकोट जिले की एक अदालत ने पिछले साल यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या के मामले में गोल्डी बराड़ के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसे फरीदकोट में दो अज्ञात हमलावरों ने 12 बार गोली मार दी थी।

कैसे मूसेवाला की हत्या की योजना बनाई
सिद्धू मूसेवाला के नाम से मशहूर शुभदीप सिंह सिद्धू की 29 मई को पंजाब के मनसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने दोस्त और चचेरे भाई के साथ एक जीप में मनसा के जवाहर के गांव जा रहे थे। छह बदमाशों ने रास्ता रोक लिया और उन पर गोलियां बरसा दीं। हत्या के बाद इसकी जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली थी।

24 आरोपियों के खिलाफ दायर 1850 पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी गोल्डी बराड़ सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड था। बराड़ ने कथित तौर पर निशानेबाजों को 28 मई को मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेने की सूचना दी थी और उन्हें 29 मई को गायक को मारने के लिए कहा था। मूसेवाला उन 424 लोगों में शामिल थे, जिनकी सुरक्षा पंजाब पुलिस ने अस्थायी आधार पर काट दी थी।

चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि बराड़ ने बिश्नोई, भगवानपुरिया, सचिन भिवानी, अनमोल बिश्नोई, सचिन थापन, मोनू डागर, पवन बिश्नोई और शूटरों के साथ कॉन्टेक्ट किया और मूसेवाला को मारने की योजना बनाई। उसने कथित तौर पर अन्य आरोपियों के लिए हथियार, पैसे, कार, फोन, सिम कार्ड और आश्रय की व्यवस्था की थी। बराड़ ने कथित तौर पर अन्य आरोपियों के साथ बातचीत करने के लिए मैसेजिंग ऐप सिग्नल का इस्तेमाल किया।

गोल्डी बराड़ का मकसद क्या था?
गोल्डी बराड़ ने पिछले साल मारे गए युवा अकाली नेता विक्की मिद्दुखेरा की हत्या का बदला लेने के लिए कथित तौर पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की योजना को अंजाम दिया। मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह का नाम मिड्दुखेरा की हत्या में सामने आया था।

पुलिस ने छह शूटरों की पहचान की थी जो कथित तौर पर हत्या में शामिल दो मॉड्यूल का हिस्सा थे। प्रियव्रत फौजी, कशिश, अंकित सेरसा और दीपक मुंडी बोलेरो वाहन में थे, मनप्रीत सिंह और जगरूप सिंह रूपा टोयोटा कोरोला में थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इससे पहले प्रियव्रत फौजी, कशिश और अंकित सेरसा को गिरफ्तार किया था। रूपा और मनप्रीत को पंजाब पुलिस ने मार गिराया, जबकि दीपक मुंडी अब भी फरार है।

गौरतलब है कि गुरुवार को, सिद्धू मूसेवाला के पिता ने मांग की थी कि केंद्र सरकार किसी भी जानकारी के लिए 2 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा करे, जिससे गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी हो सके। बलकौर सिंह ने कहा कि अगर सरकार ज्यादा रकम देने में असमर्थ रही तो वह अपनी जेब से इनाम देने को भी तैयार हैं।