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पंजाब का DGP भी राहुल गांधी ही चुनेंगे, जाति समीकरण साधने पर है पूरा फोकस

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Priyanka
Tue, 21 Sep 2021 12:18 PM
पंजाब का DGP भी राहुल गांधी ही चुनेंगे, जाति समीकरण साधने पर है पूरा फोकस

पंजाब में अपनी पसंद का मुख्यमंत्री चुनने के बाद अब राज्य में नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए कांग्रेस हाई कमान की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। राज्य में नए डीजीपी की नियुक्ति और प्रशासनिक फेरबदल को लेकर सोमवार रात मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस के अन्य सीनियर नेताओं के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं। माना जा रहा है कि इस बैठक में कुछ योग्य अफसरों के नाम शॉर्टलिस्ट भी किए गए हैं लेकिन आखिरी फैसला राहुल गांधी ही लेंगे।

दलित सीएम बनाकर एक बड़ी आबादी को साधने के बाद खबर यह भी है कि नए डीजीपी का चुनाव भी जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। नए सीएम की पसंद इकबाल प्रीत सिंह सहोटा हैं। सहोटा पिछड़ी जाति से आते हैं। इससे पहले ही सीएम चन्नी ने एससी समुदाय से आने वाले आईएएस अधिकारी हुसन लाल को अपनी प्रिंसिपल सेक्रटरी बनाया है। खबरों के मुताबिक, कांग्रेस हाई कमान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जातीय समीकरण को संतुलित रखना चाहता है।

'द ट्रिब्यून' की खबर के मुताबिक, पंजाब डीजीपी पद के लिए 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ चटोपाध्याय, 1987 बैच के अधिकारी वीके भावरा और 1988 बैच के अधिकारी इकबाल प्रीत सिंह के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। इन सभी अधिकारियों के कार्यकाल खत्म होने में फिलहाल छह महीने से ज्यादा का समय बचा है। 

इस बीच चटोपाध्याय ने मंगलवार को चन्नी से मुलाकात भी की है। हालांकि, अगले डीजीपी को लेकर आज रात या बुधवार तक फैसला होगा। चटोपाध्याय की जहां कांग्रेस सरकार से निकटता है तो वहीं इकबाल प्रीत सिंह अपनी साफ छवि की वजह से सबसे मजबूत दावेदार बने हुए हैं। हालांकि, माना जा रहा है कि भावरा और राहुल चौधरी भी पंजाब डीजीपी की दावेदारी में आगे चल रहे हैं। 

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