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Hindi News पंजाबकैसे दे दिए 34 हजार हथियारों के लाइसेंस? पंजाब सरकार पर भड़का हाई कोर्ट

कैसे दे दिए 34 हजार हथियारों के लाइसेंस? पंजाब सरकार पर भड़का हाई कोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने को जमकर फटकार लगाते हुए पंजाब के डीजीपी को एफिडेविट देकर यह बताने को कहा है कि असामाजिक तत्वों की आप के हिसाब से परिभाषा क्या है?

कैसे दे दिए 34 हजार हथियारों के लाइसेंस? पंजाब सरकार पर भड़का हाई कोर्ट
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Thu, 09 May 2024 09:05 PM
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पंजाब सरकार ने चार वर्षों में 34 हजार से अधिक आर्म्स लाइसेंस जारी कर दिए लेकिन एक्ट के अनुसार लाइसेंस लेने वालों का समय-समय पर रिव्यू नहीं किया। इससे पंजाब में हथियार कल्चर और अपराध को बढ़ावा मिल रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने को जमकर फटकार लगाते हुए पंजाब के डीजीपी को एफिडेविट देकर यह बताने को कहा है कि असामाजिक तत्वों की आप के हिसाब से परिभाषा क्या है? कोर्ट ने डीजीपी से हथियारों और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंधित किए गए या प्रतिबंधित किए जाने की सिफारिश किए गए गीतों को लेकर विस्तार पूर्वक जानकारी का भी एफिडेविट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

जस्टिस हरकेश मनुजा ने सरकार को कहा है कि कोर्ट को बताया जाए कि गीतों को प्रसारित करने के लिए टी.वी., इंटरनेट, सार्वजनिक समारोह, लाइव शो आदि जैसे विभिन्न तरीके हैं, इसके लिए अनुमति प्राप्त करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का कानूनन महत्व क्या है। पंजाब में हथियारों के चलन और खुलेआम लहराने के एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह जानकारी मांगी है।

यह सीधे तौर पर आर्म्स एक्ट का उल्लंघन
हाईकोर्ट ने पंजाब में सार्वजनिक समारोहों में हथियारों के व्यापक उपयोग और पंजाब में अपराध करने के लिए लाइसैंसी बंदूकों के उपयोग पर कड़ी आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद कोई बदलाव हुआ जान नहीं पड़ता। कोर्ट के आदेश पर पंजाब की डी.जी.पी. ने हाईकोर्ट एफिडेविट देते हुए बताया कि पंजाब में जनवरी 2019 से लेकर दिसंबर 2023 तक 34768 आर्म्स लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसमें से 34768 लाइसेंस में से 32303 सेल्फ डिफेंस के लिए, फसलों की सुरक्षा के लिए 77, बिजनेस की सुरक्षा के लिए 1536, गैंगस्टरों या असामाजिक तत्वों से मिली धमकी को लेकर 95 और अन्य कारणों के लिए 727 आर्म्स लाइसेंस जारी किए गए हैं।

डी.जी.पी. द्वारा दी गई इस जानकारी पर हाईकोर्ट में कड़ा रुख अपनाते हुए फटकार लगाते हुए कहा कि अपने 2019 से लेकर दिसम्बर 2023 तक हजारों लाइसैंस जारी कर दिए, लेकिन यह नहीं बताया कि इन लाइसैंस को समय-समय पर रिव्यू या चैक किया गया है या नहीं। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सीधे तौर पर आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है। 

फर्जी हथियार लाइसेंस रैकेट रोकने के लिए क्या कदम उठाए 
कोर्ट ने डी.जी.पी. से पूछा कि आप किसे असामाजिक तत्व कहते हैं और असामाजिक तत्वों को परिभाषित करने के लिए क्या मानदंड हैं। कोर्ट ने पूछा कि राज्य में कितने गन हाउस फर्जी और बिना लाइसेंस के पाए गए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। आम जनता या तैनात पुलिस अधिकारियों से कितने लाइव शो की शिकायतें प्राप्त हुईं। किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषणों के लिए दर्ज की गई एफ.आई.आर., जिसमें उन मामलों की संख्या भी शामिल है, जिनमें इस कारण से जिला मजिस्ट्रेट को लाइसेंस रद्द करने की सिफारिशें भेजी गई थीं।

फर्जी हथियार लाइसेंस रैकेट को रोकने के लिए राज्य स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने इन सभी सवालों के जवाब पर डी.जी.पी. को एक विस्तृत हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लिया जाए वरना कोर्ट को सख्त फैसला लेने पर विवश होना पडे़गा। 

रिपोर्ट: मोनी देवी