फोटो गैलरी

Hindi News पंजाबखोद मारणी है...हरियाणा पुलिस के डीसीपी के बयान से भड़के किसान, लाठीचार्ज को लेकर दे रहे थे सीख

खोद मारणी है...हरियाणा पुलिस के डीसीपी के बयान से भड़के किसान, लाठीचार्ज को लेकर दे रहे थे सीख

हरियाणा में किसानों की एंट्री रोकने के लिए कैथल में लगाए नाके पर डीसीपी रविन्द्र तोमर का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। इसमें डीसीपी लाठीचार्ज की स्थिति में जवानों को निर्देश दे रहे हैं।

खोद मारणी है...हरियाणा पुलिस के डीसीपी के बयान से भड़के किसान, लाठीचार्ज को लेकर दे रहे थे सीख
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Wed, 14 Feb 2024 04:29 PM
ऐप पर पढ़ें

हरियाणा में किसानों की एंट्री रोकने के लिए कैथल में लगाए नाके पर डीसीपी रविन्द्र तोमर का एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। इसमें डीसीपी लाठीचार्ज की स्थिति में प्रदर्शनकारियों पर एक्शन लेने के लिए पुलिस जवानों को निर्देश देते हुए कह रहे हैं, “लठ नी मारणे, खोद मारणी है। समझ गे। इससे आपसे उनकी दूरी बनी रहेगी और चोट भी कम से कम लगेगी।” उन्होंने कहा कि आईटीबीपी को हम प्रैक्टिकली करके बता देंगे कि खोद क्या है। यह हरियाणा की एक खोज है। 

पुलिस हमारे भाई हैं
वहीं, यह वीडियो वायरल होने के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया है। किसान नेताओं का कहना है कि वह किसी भी पुलिसकर्मी या सेना के जवान से लड़ना नहीं चाहते हैं, क्योंकि वह भी उनके भाई हैं। वे फसल और नसल बचाने के लिए अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे हैं। डीसीपी जैसे अधिकारी सरकार के कहने पर उन्हें सरकारी तंत्र और पुलिस बल के दम पर दिल्ली जाने रोकना चाहते हैं। लेकिन हम हर हाल में दिल्ली जाकर रहेंगे। उन्होंने डीसीपी द्वारा किसानों के खिलाफ बोले गए शब्दों का विरोध करते हुए सरकार से डीसीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

डीसीपी की सफाई
रविंद्र तोमर इस समय गोहाना में बतौर डीसीपी अपने सेवाएं दे रहे हैं। किसान आंदोलन के चलते कानून व्यवस्था को लेकर उनको कैथल में नियुक्त किया गया है। गुहला चीका स्थित पंजाब हरियाणा के घग्गर बॉर्डर पर सेना व पुलिस जवानों के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। विवाद बढ़ने पर डीसीपी रविन्द्र तोमर ने भी पत्रकारों को अपनी सफाई दी। उन्होंने कहाकि प्रदर्शन को लेकर जवानों का मूड वॉश करने के लिए ऐसा बोला था ताकि प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज की स्थिति में उन्हें ज्यादा चोट न लगे। इसके लिए जवानों को स्मार्ट तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए थे।स्थिति को काबू करने की यह एक नीति है।

किसानों से माफी मांगें
सर छोटू राम किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सरदार अमरेंद्र सिंह खारा ने कहा कि वह डीसीपी रविंद्र तोमर द्वारा किसानों के खिलाफ बोले गए शब्दों का विरोध करते हैं। डीसीपी को इस तरह का बयान देने से पहले यह सोचना चाहिए था। आखिर वह भी एक किसान के बेटे हैं। वहीं भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि वह डी.सी.पी द्वारा किसानों के खिलाफ की गई टिप्पणी का पुरजोर विरोध करते हैं। उन्हें किसानों से माफ़ी मांगनी चाहिए।

क्या है खोद मारने का मतलब
हरियाणवी भाषा में खोद मारने का करने का मतलब होता है, लाठी को घुमाकर मारने के बजाय भाले की तरह मारना। इससे कई बार ऐसे भी अंदर की चोट लग सकती है, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

(रिपोर्ट: मोनी देवी)

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें