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Hindi News पंजाबनई सरकार बनने से पहले किसानों का फिर से कूच का ऐलान, यहां पर जुटेंगे; भाजपा पर बरसे

नई सरकार बनने से पहले किसानों का फिर से कूच का ऐलान, यहां पर जुटेंगे; भाजपा पर बरसे

सरवन सिंह पंढेर ने वीडियो मेसेज जारी करके किसानों से 2 जून को शंभू बॉर्डर पर पहुचने की अपील की है। इसी के साथ उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर आरोप भी लगाए हैं कि पार्टी हिंदू और सिखों को बांटती है।

नई सरकार बनने से पहले किसानों का फिर से कूच का ऐलान, यहां पर जुटेंगे; भाजपा पर बरसे
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Ratanलाइव हिन्दुस्तान,पंजाबFri, 31 May 2024 04:48 PM
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शंभू बॉर्डर में बीते साल हुए किसानों के जमावड़े का नेतृत्व करने वाले किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने नए आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करके किसानों के कूच का आह्वान किया है। उनका कहना है कि 2 जून से किसान फिर से शंभू बॉर्डर की ओर कूच करेंगे। इस खबर के बाद से शंभू बॉर्डर पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा होती दिख रही है। सरवन सिंह पंढेर ने वीडियो मेसेज में कहा है कि 2 जून को राज्य के किसान अपने ट्रैक्टर और ट्राली लेकर मोर्चा स्थल की तरफ बढ़ेंगे। पंढेर ने पंजाब के निवासियों से अपील की है कि इस चुनाव में नफरत की दुकान को बंद करना है।

पंढेर ने लगाए बीजेपी और आरएसएस पर आरोप
पंढेर ने बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने चुनाव जीतने के लिए देश के हिंदुओं और सिखों को आपस में बांटा है। इसी तरह से इन लोगों ने अपर कास्ट और दलित को आपस में बांट दिया है। किसान नेता ने आरोप ये भी लगाए कि भाजपा नेताओं ने चुनाव के बाद किसान नेताओं को डिब्रूगढ़ जेल भेज देने की धमकियां दी हैं 

प्रोटेस्ट में हुआ जान का नुकसान
13 फरबरी को प्रोटेस्ट शुरू हुआ था,  तब से अब तक 22 किसानों की मौत हो चुकी है। इन मौतों में 22 साल का युवक भी शामिल है। हादसे में मरे हुए युवक का नाम शुभकरण सिंह है। शुभकरण की मौत 21 फरबरी को कन्नौरी बॉर्डर पर हुई थी। उस दौरान 35 अन्य किसान भी जख्मी हुए थे। इन हादसों में 15 बर्ष का जसकरण सिंह भी थी। जसकरण सिंह ने दुर्घटना में गोली लगने के कारण अपनी दांयी बाजू गवां दी थी। 

कौन हैं सरवन सिंह पंढेर
दिल्ली की सीमाओं पर किसानों नें एक बार फिर प्रदर्शन शुरू किया है। इस बार किसान आंदोलन की अगुवाई राकेश टिकैत नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय इस आंदोलन की अगुवाई सरवन सिंह पंढेर कर रहे हैं। पंढेर पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं। इन्होंने साल 2007 में किसान संघर्ष कमेटी से अलग हुए थे। इस समय ये पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव हैं। पंढेर हमेशा से किसानों के हितों की बात करते  आए हैं। इन्हें किसानों का हितैषी माना जाता है।