फोटो गैलरी

Hindi News पंजाबट्रैक्टर ट्रॉलियों में लदा राशन, दिल्ली की ओर निकल पड़े किसान; चंडीगढ़ हाइवे भी सील

ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लदा राशन, दिल्ली की ओर निकल पड़े किसान; चंडीगढ़ हाइवे भी सील

ट्रैक्टर और ट्रॉलियों में राशन लादकर बड़ी संख्या में किसान निकल पड़े हैं। इसी बीच अंबाला प्रशासन ने दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे को भी सील कर दिया है। किसान आज फतेहगढ़ साहिब में रुकने का प्लान कर रहे हैं।

ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लदा राशन, दिल्ली की ओर निकल पड़े किसान; चंडीगढ़ हाइवे भी सील
Ankit Ojhaमोनी देवी, लाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Mon, 12 Feb 2024 12:22 PM
ऐप पर पढ़ें


पंजाब के किसान संगठन दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े हैं। अमृतसर के ब्यास से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर हरियाणा की तरफ निकल गए हैं। यहां से किसान फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना हुए हैं। ट्रैक्टर ट्रालियों में राशन भी लदा है। इससे पहले बड़ी संख्या में किसानों ने अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर अरदास की। पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि हम इस संघर्ष की शुरुआत ब्यास से करेंगे और फतेहगढ़ साहिब में आज रुकेंगे।

सील कर दिया गया दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे
किसानों के इस कूच को देखते हुए  अंबाला प्रशासन ने मोहाली रोड पर सादौपुर केपास में दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे को सील कर दिया है। यहां बैरिकेडिंग लगा दिए गए हैं। यह हाइवे हिसार-चंडीगढ़ रोड (एनएच-52) का हिस्सा है  जो कि कैथल, अंबाला सिटी लालरू औऱ जिरकपुर होकर गुजरता है। प्रशासन के इस कदम के पास चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों भारी जाम भी देखने को मिल रहा है। अंबाला के रहने वाले बहुत सारे लोग इस हाइवे से दिल्ली और चंडीगढ़ आते-जाते हैं। वहीं अंबाला-पटियाला बॉर्डर पर एनएच-44 को भी सील किया गया है। 

हम देश विरोधी नहीं हैं, हम देश के नागरिक हैं
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने मीडिया को बताया कर हम दिल्ली कूच ब्यास से शुरू करेंगे और फतेहगढ़ साहिब में रुकेंगे। हमारी मांगें वही हैं। एमएसपी गारंटी कानून, गन्ने को सी 200 के साथ जोड़ा जाना चाहिए। 60 साल होने पर किसान को 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के किसान को देश विरोधी कहा जाता है। हम देश विरोधी नहीं हैं, हम इस देश के नागरिक हैं। 75 वर्षों से हमारी मांगों को नहीं सुना गया। हम शांति से आगे बढ़ेंगे और हमारा मकसद है कि सरकार हमारी मांगों को सुने। 

कुलजीत सिंह घन्नुपुर ने बताया कि उन्होंने तीन वर्ष पहले भी किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार खिलाफ मोर्चा खोला था। केंद्र सरकार ने आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है। एमएसपी गारंटी, दिल्ली में किसानों पर दर्ज केस रद्द करने, किसान-मजदूरों की कर्जमाफी, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग है। 

16 फरवरी को भारत बंद का एलान
इस बीच भारतीय किसान यूनियन उगराहां गुट के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने 16 फरवरी को भारत बंद का एलान किया है। उन्होंने सभी किसान संगठनों व कारोबारियों से इसे सफल बनाने की अपील की है।

चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं की बैठक आज
चंडीगढ़ में आज केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच दूसरे दौर की  बैठक शाम पांच बजे सेक्टर-26 के महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में होगी। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और अलग-अलग किसान संगठनों के 10 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस से पहले 8 फरवरी को बैठक हो चुकी है, जिसमें कुछ मांगें मानी गई थीं लेकिन एमएसपी को कानून बनाने समेत कुछ मांगों पर सहमति नहीं बन पाई थी।
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें