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पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजा पर तीन दिन से किसानों का कब्जा, 3 करोड़ रुपए का फटका

किसानों का कहना है कि जब तक टोल के रेट कम नहीं किए जाते, वह इस टोल को फ्री रखेंगे। किसान अपनी मांग पर अड़े हैं कि टोल 150 रुपए प्रति वाहन होना चाहिए।

पंजाब के सबसे महंगे टोल प्लाजा पर तीन दिन से किसानों का कब्जा, 3 करोड़ रुपए का फटका
farmers have occupied punjab most expensive toll plaza for three days causing a loss of rs 3 crore
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Wed, 19 Jun 2024 09:41 PM
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टोल के रेट बढ़ाने के खिलाफ किसानों ने रविवार से दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे पर लुधियाना-जालंधर के बीच फिल्लौर में बने लाडोवाल टोल प्लाजा को किसानों ने फ्री कर रखा है। गाड़ियां बिना टैक्स दिए टोल से गुजर रही हैं। लाडोवाल टोल प्लाजा पंजाब का सबसे महंगा टोल है। अब तक लाख से ज्यादा वाहन बिना टोल टैक्स दिए गुजर चुके हैं। लेकिन एनएचएआई प्रदर्शनकारी किसानों से तालमेल बिठाने में असहाय साबित हो रहा है।

किसानों का कहना है कि जब तक टोल के रेट कम नहीं किए जाते, वह इस टोल को फ्री रखेंगे। किसान अपनी मांग पर अड़े हैं कि टोल 150 रुपए प्रति वाहन होना चाहिए, लेकिन एनएचएआई के अधिकारी किसानों की मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसके चलते लाडोवाल टोल प्लाजा पर धीरे-धीरे किसानों के जत्थे बढ़ते जा रहे हैं। किसानों ने खाने-पीने का इंतज़ाम भी टोल पर ही कर लिया है। ऐसे में ये धरना जल्दी ख़तम होने वाला नहीं लग रहा है। 

नेशनल हाईवे अथारिटी को कई दिन पहले दिया था अल्टीमेटम
16 जून को किसानों ने कर्मचारियों को हटाकर टोल बूथ खाली करा दिए थे और खाली पड़ी लेन में दरी बिछाकर धरना लगा दिया था। भारतीय किसान यूनियन ने कई दिन पहले ही नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया को टोल की दरें कम करने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन प्रबंधन ने दरों को कम नहीं किया। रविवार को अल्टीमेटम खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में किसान टोल पर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया और नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने टोल कर्मियों को हटा कर बूथा खाली करा लिए और खुद बूथों पर बैठ गए। तब से वाहन बिना टोल के ही गुजर रहे हैं। 

ईंधन खर्च से ज्यादा टोल टैक्स 
भारतीय किसान यूनियन के प्रधान दिलबाग सिंह ने कहा कि साल में तीसरी बार इस टोल के रेट बढ़ाए गए हैं। पंजाब का यह सबसे महंगा टोल है। उन्होंने कहा कि अगर किसी वाहन पर फास्ट टैग नहीं है तो उसे एक चक्कर के लिए 430 रुपए टैक्स देना पड़ता है। अगर लुधियाना के निवासी को फिल्लौर जाना है तो उसका ईंधन खर्च 200 रुपए है जबकि उसका टैक्स 400 रुपए से अधिक है। यह किसी भी सूरत में जायज नहीं है। इस महंगे टोल प्लाजा को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। जब तक टोल के रेट कम नहीं किए जाते, वह अनिश्चित काल के लिए टोल को फ्री रखेंगे। 

हम पीछे नहीं हटेंगे
दिलबाग सिंह ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले अधिकारियों से बात की थी और मांग पत्र सौंपा था लेकिन किसी ने फिर समाधान निकालने की कोशिश नहीं की। चाहे केंद्र सरकार लाठीचार्ज आदि क्यों न कर दे, किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। एनएचएआई द्वारा की जा रही लूट को बंद किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट: मोनी देवी