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पंजाब में बसपा ने ​शिअद से नाता तोड़ा, लोकसभा चुनाव 2024 अकेले लड़ने का फैसला

बसपा अब पंजाब में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी। यह घोषणा मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रदेश कमेटी की बैठक में बहुजन समाज पार्टी के केंद्रीय समन्वयक पंजाब BSP प्रभारी रणधीर सिंह बेनीवाल ने की।

पंजाब में बसपा ने ​शिअद से नाता तोड़ा, लोकसभा चुनाव 2024 अकेले लड़ने का फैसला
Niteesh Kumarमोनी देवी, लाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Wed, 14 Feb 2024 01:13 AM
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पंजाब में भाजपा और ​शिरोम​णि अकाली दल के दोबारा गठबंधन होने की चर्चाओं के बीच बहुजन समाज पार्टी ने ​शिअद से अपना नाता तोड़ लिया है। बसपा अब पंजाब में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी। यह घोषणा मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रदेश कमेटी की बैठक में बहुजन समाज पार्टी के केंद्रीय समन्वयक पंजाब बसपा प्रभारी रणधीर सिंह बेनीवाल ने की। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच गठबंधन बनाने को लेकर बातचीत चल रही है, इसलिए बसपा ने ये फैसला लिया है। 

बेनीबाल ने बताया कि 4 घंटे तक चली मैराथन मंथन बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। यह तय हुआ कि शिरोमणि अकाली दल लगातार बहुजन समाज पार्टी को नजरअंदाज करते हुए BJP के साथ गठबंधन की बात कर रही है। बेनीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, किसानों को कुचलने के लिए असंवैधानिक नीतियां बना रही है। संविधान को भी बदलने का काम किया जा रहा है। ऐसे में बहुजन समाज पार्टी कभी भी भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर सकती है। 

2022 का चुनाव लड़ा था एकसाथ
इससे पहले 20 जनवरी को शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के बीच दिल्ली में मुलाकात हुई थी। तब सुखबीर बादल ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में शिअद और बसपा का समझौता कायम रहेगा। साल 2022 का चुनाव बसपा ने अकाली दल के साथ मिलकर लड़ा था। दोनों को केवल 4 सीटें मिली थी। 3 सीट अकाली दल के और एक सीट बसपा के हिस्से आई थी। दूसरी ओर, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से दिग्गज नेता मास्टर तारा सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान करने की मांग रखी। बादल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने 'हमारी आजादी के लिए और वर्तमान पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत पश्चिमी पंजाब को भारत में बनाए रखने में तारा सिंह के योगदान को अद्वितीय और निर्णायक बताया।'

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