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हिंदी न्यूज़ पंजाब पंजाब में 150 करोड़ का घोटाला? गायब हो गईं 11 हजार पराली वाली मशीनें, केवल कागज पर हुई खरीद

पंजाब में 150 करोड़ का घोटाला? गायब हो गईं 11 हजार पराली वाली मशीनें, केवल कागज पर हुई खरीद

पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार का आरोप है कि पराली हैंडलिंग को लेकर 11 हजार मशीनें गायब हो गई हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि इसमें कम से कम 150 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है ।

 पंजाब में 150 करोड़ का घोटाला? गायब हो गईं 11 हजार पराली वाली मशीनें, केवल कागज पर हुई खरीद
Ankit Ojhaएजेंसियां,चंडीगढ़Thu, 18 Aug 2022 08:31 PM

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पंजाब में पराली जलाने पर रोक लगाने और वैकल्पिक व्यवस्था करने के बड़े-बड़े दावे किए गए लेकिन अब एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने 11 हजार मशीनों के गायब होने को लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं। AAP सरकार का कहना है कि पराली हैंडलिंग की ये मशीनें केवल कागज  पर ही हैं, इन्हें कभी खेतों में नहीं उतारा गया। आरोप है कि अमरिंदर सरकार में कम से कम 150 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। 

कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि जिन मशीनों पर केंद्र सरकार ने छूट दी थी, उनको लेकर रिपोर्ट मिलने के बाद फिल्ड सर्वे का आदेश दे दिया गया है। धालीवाल का कहना है कि ये  मशीनें किसानों तक नहीं पहुंचीं। क्रॉस चेक करने पर पता चल रहा है कि सरकार ने 90 हजार मशीनें खरीदीं और दावा किया गया कि 11 हजार मशीनें किसानों को दी गईं। 

उन्होंने कहा कि यह सारी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की थी। कृषि विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मशीनों के वितरण के लिए सूची बनाना कैप्टन साहब का काम नहीं था। वह कोई फील्ड ऑफिसर नहीं थे। अगर भ्रष्टचारा के खिलाफ कोई जांच होती है तो हम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार को अपनी विफलता छिपाने के लिए ऐसा प्रयास नहीं करना चाहिए। 


मंत्री धालीवाल ने बताया, हमने विजिलेंस डिपार्टमेंट के जरिए फाइल को मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास भेज दिया है। बता दें कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना एक बहुत बड़ी समस्या है। इससे दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में इन मशीनों को लाया गया था जिससे कि पराली को जलाने से रोका जा सके और इसको अन्य उपयोग में लाया जा सके। 

मशीनों के लिए कुल सब्सिडी 1200 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। मंत्री धालीवाल ने कहा, अनुमान है कि इन मशीनों को लेकर 150 करोड़ का घोटाला किया गया है। अगर ऐसे ही घोटाले सामने आते रहे तो केंद्र से इस तरह की सुविधा मिलना मुश्किल हो जाएगी। इस मामले में कांग्रेस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।