पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, महिलाओं को देगी 1 हजार रुपये, 97% महिलाएं होंगी पात्र
मान सरकार का कहना है कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा सामाजिक अभियान है। घर के फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार आए, और पढ़ी-लिखी बेटियों की जरूरतें पूरी हों, इसी सोच के साथ यह योजना लाई गई है।

पंजाब में 8 मार्च 2026 का दिन इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, जिसे देश में नारी सशक्तिकरण की सबसे बड़ी पहल माना जा रहा है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए बजट में “मुख्यमंत्री मावा-धीयां सत्कार योजना” का ऐलान किया गया है। यह योजना सीधे पंजाब की करोड़ों महिलाओं के जीवन से जुड़ी है और उन्हें आर्थिक ताकत देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस योजना के तहत पंजाब सरकार 18 साल से ऊपर की सभी योग्य महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देगी। वहीं अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी। केवल सांसद, विधायक और इनकम टैक्स भरने वाली महिलाओं को इससे बाहर रखा गया है, जबकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने वाली महिलाएं भी इस योजना की पात्र होंगी।
मान सरकार का कहना है कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा सामाजिक अभियान है। घर के फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार आए, और पढ़ी-लिखी बेटियों की जरूरतें पूरी हों, इसी सोच के साथ यह योजना लाई गई है।
दरअसल आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले पंजाब की महिलाओं से जो वादा किया था, उसे अब जमीन पर उतारा जा रहा है। अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जो गारंटी दी थी, उसे पूरा करने की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। चार साल पूरे होने पर मान सरकार ने साफ संदेश दिया है कि उनकी राजनीति सिर्फ घोषणाओं की नहीं, बल्कि गारंटी पूरी करने की है।
पंजाब की राजनीति में यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय तक सत्ता में रही पार्टियों ने महिलाओं के नाम पर केवल भाषण दिए, लेकिन आर्थिक ताकत देने का साहसिक कदम नहीं उठाया। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पहली बार महिलाओं को सीधे आर्थिक सहयोग देकर उन्हें सम्मान देने की पहल की है।
“मुख्यमंत्री मावा-धीयां सत्कार योजना” को लेकर पंजाब में उत्साह का माहौल है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं इसे अपने सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देख रही हैं। राजनीतिक संदेश भी साफ है, जो वादा किया, वह निभाया। और यही मॉडल अब देश की राजनीति में नई बहस खड़ी कर रहा है।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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