बेअदबी की तो अब मरते दम तक जेल; पंजाब में संशोधन विधेयक पारित, जुर्माने का भी प्रावधान

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद इसे अब राज्यपाल को भेजा जाएगा। कैबिनेट मीटिंग इस संशोधन विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा और तुरंत प्रभावी हो सकता है।

बेअदबी की तो अब मरते दम तक जेल; पंजाब में संशोधन विधेयक पारित, जुर्माने का भी प्रावधान

गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर सोमवार (13 अप्रैल) को पंजाब विधानसभा ने सख्त कानून बनाने के लिए एक संशोधित विधेयक पारित किया है, जिसके तहत दोषियों को अब मरते दम तक उम्रकैद या 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस कानून को जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 नाम दिया गया है। इस कानून के बनने पर बेअदबी में दोषी पाए जाने वालों को मृत्यु तक उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक, गजटेड ऑफिसर से नीचे का कोई भी अधिकारी इस मामले की जांच नहीं कर सकेगा। इसके अलावा संशोधित विधेयक में किसी भी तरह के समझौते का प्रावधान नहीं किया गया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संशोधन विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा कि बेअदबी की सजा मृत्यु तक उम्रकैद है। यानी कोई भी दोषी व्यक्ति तब तक कैद में रहेगा, जब तक कि उसकी मौत नहीं हो जाती।

मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा

विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद इसे अब राज्यपाल को भेजा जाएगा। कैबिनेट मीटिंग इस संशोधन विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा और तुरंत प्रभावी हो सकता है। सीएम मान ने कहा कि इसमें जांच तय अवधि में पूरी करनी होगी। उम्रकैद का मतलब है कि इसमें मृत्यु तक जेल में रहना होगा। सभी कानूनों माहिरों और संत समाज से राय ली गई है। सिर्फ धार्मिक नहीं और कानूनी पक्ष से भी उनको राय देने के लिए कहा गया था। मान ने कहा कि यह स्टेट एक्ट है और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं है। राज्यपाल के साइन की जरूरत है।

विशेषज्ञों की राय और सेलेक्ट कमेटी के सुझाव सार्वजनिक करे सरकार: कांग्रेस

बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बिल पर संवैधानिक विशेषज्ञों की राय ली गई है या नहीं, इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सेलेक्ट कमेटी में एसजीपीसी के अलावा अन्य संगठनों ने जो सुझाव दिए। वो भी बताए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आप प्रमुख केजरीवाल ने वादा किया था कि सभी आरोपियों को कटघरे में खड़े करेंगे। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। इस पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह आज करने वाली बात नहीं है। आपका (कांग्रेस) का पूर्व सीएम आज दूसरी पार्टी में नहीं है। आपका प्रधान आज दूसरी पार्टी में है। आपका पूर्व वित्त मंत्री आज दूसरी पार्टी में है।

पांचवी बार बिल आ रहा है

मान ने कहा कि विपक्ष कह रहा है कि चौथी बार बिल ला रहे हैं। विपक्ष ये आरोप लगा रहा है कि हर बार अटका रहता है, लेकिन मैं आज दावा करता हूं कि पांचवी बार बिल आ रहा है और इसके बाद नहीं आएगा। मान ने कहा कि बेअदबी के 90 प्रतिशत केसों में कह दिया जाता है कि आरोपी मानसिक रोगी है। ऐसा है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही क्यों दिखता है। ऐसे लोगों के घर वालों पर पर्चा करेंगे।

बेअदबी बनी सत्ता खोने की वजह

पंजाब में लंबे समय से बेअदबी की घटनाएं हो रही हैं। इस पर सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही थी। प्रकाश सिंह बादल की अगुआई में अकाली दल सरकार के कार्यकाल के दौरान 2015 में बरगाड़ी बेअदबी और उससे जुड़ी घटनाएं हुईं। इसका असर ये हुआ कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल सत्ता से बाहर हो गया था। कांग्रेस ने 2017 के चुनाव में कहा था कि अगर सरकार बनी तो बेअदबी मामलों में इंसाफ दिलाया जाएगा। इसके बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में 117 में से 77 सीटें जीतकर सरकार बना ली।

हालांकि बेअदबी के इंसाफ के मामले में एसआईटी बनाई लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिली। 2022 में कांग्रेस ने भी सत्ता खो दी थी। आम आदमी पार्टी ने साल 2022 के चुनाव में कहा था कि बेअदबी मामलों की जांच दोबारा खोली जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। सीएम भगवंत मान सरकार ने जांच प्रक्रिया को एक्टिव कर एसआईटी को नए सिरे से बनाया। जांच और चार्जशीट आगे बढ़ी लेकिन अभी कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। अभी तक किसी दोषी को सजा नहीं मिली। ऐसे में अब अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी पर बेअदबी को लेकर कोई ठोस कदम उठाने का दबाव है।

रिपोर्ट: मोनी देवी

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लेखक के बारे में

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प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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