पंजाब में हो तो पंजाबी आनी चाहिए, भाषा विवाद पर दफ्तर में बवाल; कर्मचारी को धमकाया

Jan 02, 2026 11:53 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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युवक ने पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह से इस बात पर बहस करते समय वीडियो भी बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, दिल्ली के रहने वाले पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह ने इसे बदसलूकी, निजता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

पंजाब में हो तो पंजाबी आनी चाहिए, भाषा विवाद पर दफ्तर में बवाल; कर्मचारी को धमकाया

महाराष्ट्र के बाद अब पंजाब में भाषा विवाद सामने आया है। अमृतसर के मुख्य डाकघर में रजिस्ट्री कराने आए युवक ने पंजाबी भाषा में बात नहीं करने पर पोस्टल असिस्टेंट को धमकाया। युवक ने कहा कि आप पंजाब में हो तो पंजाबी आनी चाहिए। आप सरकारी नौकर हो, वेल क्वालिफाईड हो, ये सब तो ठीक है, लेकिन पंजाबी में काम करना आना चाहिए।

युवक ने पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह से इस बात पर बहस करते समय वीडियो भी बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, दिल्ली के रहने वाले पोस्टल असिस्टेंट विशाल सिंह ने इसे बदसलूकी, निजता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

बोला, पोस्ट ऑफिस में सारे पंजाबी लोग काम कराने आ रहे

विशाल सिंह ने बताया कि वह दिल्ली के रहने वाले हैं और चार साल से अमृतसर के पोस्ट ऑफिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा का पूरा ज्ञान है। लेकिन में डाकखाने में आए एक युवक ने उन पर जबरन पंजाबी बोलने और पढ़ने का दबाव बनाया। युवक ने कहा कि सारे पोस्ट ऑफिस में सारे पंजाबी लोग काम कराने आ रहे हैं तो आपको पंजाबी आनी चाहिए। यहां जितने भी बोर्ड लगे, उनमें पंजाबी में नहीं लिखा है, सब इंग्लिश और हिंदी में लगे हैं।

विशाल सिंह ने आरोप लगाया कि युवक ने जबरदस्ती उनकी वीडियो बनाई और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे: डिप्टी पोस्टमास्टर

विशाल सिंह ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्हें पंजाबी भाषा नहीं आती और डाक विभाग में आधिकारिक तौर पर हिंदी और अंग्रेजी का ही प्रयोग किया जाता है। डाक विभाग केंद्र सरकार के अधीन है और कर्मचारियों की पोस्टिंग देश के किसी भी हिस्से में हो सकती है। तो क्या ऐसे में उन्हें वहां उस राज्य की भाषा सीखनी होगी? यह व्यावहारिक नहीं है। अगर भविष्य में उनकी ड्यूटी बंगाल या तमिलनाडु में लगती है, तो क्या वहां की भाषा सीखना अनिवार्य होगा?

अमृतसर के मुख्य डाकघर के डिप्टी पोस्टमास्टर गुरशरणजीत सिंह ने इस मामले पर कहा कि उनके कर्मचारी को डराया-धमकाया गया और विभाग की छवि खराब करने की कोशिश की गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो बनाने वाले युवक के खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।

रिपोर्ट: मोनी देवी

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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