Hindi Newsपंजाब न्यूज़Farmer Amritpal Singh Crossed border by mistake is in the custody of Pakistani police First they denied then confessed
गलती से बॉर्डर पार करने वाला किसान पाकिस्तानी पुलिस के कब्जे में; पहले किया इनकार, फिर कबूला

गलती से बॉर्डर पार करने वाला किसान पाकिस्तानी पुलिस के कब्जे में; पहले किया इनकार, फिर कबूला

संक्षेप:

होशियारपुर के पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता अविनाश राय खन्ना ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर युवक को वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि वे परिवार की इस मांग पर विचार करें।

Jun 30, 2025 03:35 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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पंजाब के फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तारबंदी के पार खेती करने गया गांव खैरेके उताड़ का एक युवा किसान पाकिस्तान में ही है। वह पाकिस्तान की पंजाब पुलिस की हिरासत में है। यह बात पाकिस्तानी रेंजर्स ने कबूल की है जबकि वह पहले इस से इनकार करते रहे थे कि भारत का कोई व्यक्ति बॉर्डर पार कर पाकिस्तान नहीं आया है। अमृतपाल सिंह 21 जून को तारबंदी के पार खेती करने गया था और गलती से पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। उसके परिजन पहले दिन से ही कह रहे थे कि उनका बेटा पाकिस्तानी रेंजर्स के कब्जे में है लेकिन बीएसएफ के साथ हुई मीटिंग में पाकिस्तानी रेंजर्स इस बात को नकारते रहे। अब उनके पुष्टि करने के बाद बीएसएफ ने किसान के परिवार को इस बारे में जानकारी दी है।

इस मामले में बीएसएफ का पहले पाकिस्तान से तीन बार मीटिंग कर चुकी है। अब एक बार फिर पाकिस्तानी रेंजर्स से मीटिंग कर अमृतपाल सिंह की भारत वापसी के प्रयास किए जायेंगे। अमृतपाल सिंह विवाहित है। उसकी एक तीन महीने की मासूम बेटी भी है। उधर, होशियारपुर के पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता अविनाश राय खन्ना ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर युवक को वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि वे परिवार की इस मांग पर विचार करें कि वे युवक को भारत वापस लाने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क करें।

खेती करने दिन में गया था, शाम को नहीं लौटा

गांव खैरेके उताड़ के रहने वाले लापता किसान अमृतपाल सिंह के पिता जगराज सिंह ने बताया कि उनकी साढ़े आठ एकड़ जमीन तारबंदी के भीतर है। वे दो दशकों से भी ज्यादा समय से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। 21 जून को दोपहर 12 बजे उनका बेटा अमृतपाल सिंह खेत में काम करने गया था। फेंसिंग पार की खेती बीएसएफ की निगरानी में होती है। उस तरफ जाने से पहले बीएसएफ किसानों से पहचान पत्र जमा करवाती है और आने-जाने की प्रवि​ष्टि भी रजिस्टर में दर्ज करती है। दिन में अमृतपाल सिंह अपना पहचान पत्र जमा करवा कर गेट नंबर-223 से खेतों में गया था लेकिन शाम को वहां से नहीं लौटा।

खेतों में मिले पाकिस्तान की तरफ जाने के निशान

परिजनों ने लापता अमृतपाल की खोज के लिए बीएसएफ से गुहार लगाई। बीएसएफ जवानों ने फेंसिंग पार खेतों में सर्च अभियान चलाया लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। खेतों की मिट्टी में अमृतपाल के पैरों के निशान पाकिस्तान की ओर जाते दिखे। इससे साफ होता है कि वह उस तरफ गया है। 21 जून को बीएसएफ के कमांडेंट स्तर के अधिकारी पाकिस्तान रेंजर्स से संपर्क कर रहे थे, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। अगले दिन शाम 4 बजे भारत-पाक अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई। उसके बाद बीएसएफ ने परिवार को सूचित किया कि अमृतपाल पाकिस्तान की तरफ गया है लेकिन पाक रेंजर्स के मुताबिक उन्हें ऐसा कोई शख्स नहीं मिला। लापता किसान के परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे को पाकिस्तानी रेंजर्स उठाकर ले गए हैं और झूठ बोल रहे हैं। 21 जून को लापता होने के बाद से अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।

जीरो लाइन पर खेती करने के लिए मिलती है स्पेशल परमिशन

जीरो लाइन बॉर्डर का वह हिस्सा होता है, जहां दोनों देशों की सीमाएं मिलती हैं। इस जगह पर किसानों को खेती करने के लिए स्पेशल परमिशन मिलती है। जब किसान फसल बोते या काटते हैं, तो बीएसएफ के जवान उनकी सुरक्षा के लिए साथ रहते हैं। इन्हें किसान गार्ड भी कहते हैं। किसानों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच बीएसएफ की सख्त निगरानी में कंटीले तारों की बाड़ और अंतरराष्‍ट्रीय बॉर्डर के बीच की जमीन तक पहुंचने की अनुमति दी जाती है। फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर और तरनतारन सहित सीमावर्ती जिलों के कई किसानों की इस क्षेत्र में कृषि भूमि है, जिसे जीरो लाइन के तौर पर जाना जाता है।

​रिपोर्ट: मोनी देवी

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लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

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