खुशखबरी! इस रूट पर भी दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, कई जिले होंगे कवर; केंद्रीय मंत्री का ऐलान
रवनीत सिंह बिट्टू ने अगली सर्दियों में दिल्ली और अमृतसर के बीच नई 'वंदे भारत स्लीपर' ट्रेन शुरू करने की घोषणा की है। जानें इस 'होटल ऑन व्हील्स' की सुविधाएं, रूट और लुधियाना में बनने वाले नए लोको-शेड के बारे में पूरी जानकारी।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अगली सर्दियों में दिल्ली और अमृतसर के बीच एक विशेष 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' की शुरुआत की जाएगी। यह घोषणा उन्होंने लुधियाना जिले के दोराहा में एक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की आधारशिला रखने के दौरान की।
ट्रेन का रूट और नई सुविधाएं
मंत्री ने जानकारी दी कि यह नई स्लीपर ट्रेन चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन के शुरू होने से पंजाब के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजधानी के बीच कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि टर्मिनस पॉइंट्स (अंतिम स्टेशनों) पर लोको-शेड का होना अनिवार्य होता है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए लुधियाना के पास लाडोवाल में जमीन की पहचान कर ली गई है, जहां लोको-शेड का निर्माण किया जाएगा।
क्यों खास है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन?
भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक और आधुनिक बनाने के लिए 'वंदे भारत स्लीपर' ट्रेनों की शुरुआत कर दी है। यह ट्रेनें राजधानी एक्सप्रेस की तरह प्रीमियम सुविधाएं प्रदान करती हैं, लेकिन तकनीक और गति के मामले में उनसे कहीं आगे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2026 को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पहली ट्रेन का रूट हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से कामख्या (असम) तक है। इस ट्रेन की नियमित सेवा 22 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। यह ट्रेन लगभग 14 घंटे में अपनी यात्रा पूरी करती है।
वंदे भारत स्लीपर को 'होटल ऑन व्हील्स' कहा जा रहा है। यह एक सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रेन सेट है (इसमें अलग से इंजन नहीं होता), जिससे इसकी गति और पिक-अप बेहतर होती है। मौजूदा ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सोने की व्यवस्था है। ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आसान और एर्गोनोमिक सीढ़ियां।
सेंसर-आधारित लाइटिंग और पैरों के पास फ्लोर लाइट (ताकि रात में चलने में दिक्कत न हो)। हवाई जहाज जैसे बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स। फर्स्ट एसी कोच में शॉवर की सुविधा भी दी गई है। हर बर्थ के लिए अलग रीडिंग लाइट और चार्जिंग सॉकेट। स्वचालित दरवाजे जो ट्रेन के चलने पर ही लॉक होते हैं। इस ट्रेन को 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, हालांकि ट्रियल्स में इसने 180 किमी/घंटा की गति भी प्राप्त की है। यह ट्रेन भारतीय रेलवे की स्वदेशी सुरक्षा तकनीक 'कवच' से लैस है, जो दो ट्रेनों की टक्कर रोकने में मदद करती है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आगामी रूट और विस्तार
रेलवे की योजना देश भर के प्रमुख मार्गों पर इन ट्रेनों को चलाने की है:
दिल्ली - अमृतसर: जैसा कि केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने घोषणा की है, यह ट्रेन अगली सर्दियों में शुरू होगी।
दिल्ली - श्रीनगर: कश्मीर घाटी को सीधे दिल्ली से जोड़ने के लिए यह एक बहुप्रतीक्षित रूट है, जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) के पूरा होने के बाद शुरू होगा।
अन्य संभावित रूट: दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता जैसे व्यस्त मार्गों पर भी इसे राजधानी एक्सप्रेस के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
दोराहा में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का शिलान्यास
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू मुख्य रूप से दोराहा रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग नंबर 164-AB पर बनने वाले रोड ओवरब्रिज (ROB) की आधारशिला रखने के लिए यहां पहुंचे थे। यह आरओबी दोराहा को नीलोन से जोड़ेगा। इस पुल के बनने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
मंत्री ने स्वीकार किया कि विभिन्न प्रशासनिक कारणों से यह परियोजना काफी समय से लंबित थी। अब इसके निर्माण से चंडीगढ़ और मालवा क्षेत्र के अन्य हिस्सों के बीच संपर्क में काफी सुधार होगा।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस शिलान्यास समारोह का आयोजन प्रोजेक्ट साइट पर ही किया गया था। इस दौरान उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रेल-सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।
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