5% से ज्यादा नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, पंजाब के प्राइवेट स्कूलों पर कसा शिकंजा; बढ़ा शुल्क लौटाने के आदेश

लाइव हिन्दुस्तान, चंडीगढ़
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पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसते हुए सालाना स्कूल फीस बढ़ोत्तरी को पांच फीसदी तक सीमित कर दिया है और कहा है कि इसका उल्लंघन करने वाले स्कूलों के किलाफ कार्रवाई की जाएगी।

5% से ज्यादा नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, पंजाब के प्राइवेट स्कूलों पर कसा शिकंजा; बढ़ा शुल्क लौटाने के आदेश

पंजाब के प्राइवेट स्कूल अब पांच फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने मनमानी फीस वसूलने वाले निजी विद्यालयों पर शिकंजा कस दिया है। सीएम भगवंत मान ने खुद इसकी घोषणा की। इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में कानून लाया जाएगा। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम मान ने कहा कि पहले तीन साल में जिस स्कूल ने 15 फीसदी फीस बढ़ाई है, उन्हें पेरेंट्स को रिफंड करना होगा। सीएम ने कहा कि पहले स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ाते थे अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी।

सीएम मान ने कहा कि अमृतसर में 17 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी, एक होनहार छात्रा स्कूल माफिया का शिकार बन गई। स्कूल ने मनमानी फीस वसूलने का दबाव बनाया और छात्रा को प्रताड़ित किया। छात्रा को जान देने के लिए मजबूर किया गया। इसलिए, हम निजी स्कूलों को मनमानी नहीं करने देंगे।

तीन बार उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द

उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अभिभावकों को शिक्षा के नाम पर हो रही वित्तीय लूट से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कोई भी निजी स्कूल सालाना फीस में 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा। जिन स्कूलों ने पिछले 3 वर्षों में 15 फीसदी से ज्यादा (हर साल 5 फीसदी के हिसाब से) फीस बढ़ाई है, उन्हें अतिरिक्त वसूली गई फीस अभिभावकों को वापस करनी होगी। स्कूल छात्रों/अभिभावकों को किसी खास दुकान या विक्रेता से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। नियमों का तीन बार उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जायेगी।

फीस नहीं भरने पर प्रताड़ना से तंग आकर दी थी स्टूडेंट ने जान

अमृतसर की अमजोत कौर जो एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, ने 22 मई को जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कई दिनों तक इलाज चला। इलाज के दौरान उसने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने स्कूल प्रबंधन पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। 30 मई को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों के अनुसार स्कूल की करीब 20 हजार रुपए फीस बकाया थी। इसी फीस को लेकर स्कूल प्रबंधन लगातार उस पर दबाव बना रहा था।

स्कूल में मानसिक यातना दी गई थी

वीडियो में अमजोत ने कहा था कि 11 मई को उसे स्कूल बुलाया गया, जहां उसे काफी मानसिक रूप से परेशान किया गया। उसका आरोप था कि उसे क्लास के ग्रुप से हटा दिया गया और अलग कमरे में ले जाकर बात की गई। वीडियो में उसने अपनी हालत के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए न्याय की मांग भी की। इस मामले में पुलिस ने छात्रा के पिता रविंदर सिंह के बयानों के आधार पर स्कूल के प्रिंसिपल और एक स्टाफ सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस उनकी तलाश में रेड कर रही है। पंजाब में छात्रा की आत्महत्या मामले में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: मोनी देवी

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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