
पंजाब और जम्मू बॉर्डर पर बड़ी तैयारी; एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रही BSF, जानें क्या मकसद
जम्मू क्षेत्र में सुरंगों के जरिए तस्करी रोकने के लिए एंटी-टनलिंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है। इस साल अब तक बीएसएफ पश्चिमी कमान ने 380 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 200 से ज्यादा हथियार बरामद किए हैं।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) भारत-पाकिस्तान सीमा पर पंजाब और जम्मू में बड़े पैमाने पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रही है। इनका मकसद सीमा पार से ड्रोन की घुसपैठ को पूरी तरह रोकना है। बीएसएफ ने हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे ड्रोनों के हॉट-स्पॉट भी चिन्हित कर लिए हैं। इन हॉट-स्पॉट्स से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ-साथ गहराई वाले इलाकों में जवानों की भारी तैनाती की जा रही है। बीएसएफ पश्चिमी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक सतीश एस खंडारे ने आज मोहाली में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बॉर्डर पर हर पोस्ट को सड़क के साथ जोड़ा जा रहा है। एंटी टनल तकनीक, नाइट विजन कैमरा को रडार से जोड़ा जा रहा है। सीमा सुरक्षा मजबूत होने से न केवल राष्ट्र विरोधी वारदातों पर अंकुश लगेगा, बल्कि घुसपैठ और तस्करी भी रुकेगी।
जम्मू क्षेत्र में सुरंगों के जरिए तस्करी रोकने के लिए एंटी-टनलिंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है। इस साल अब तक बीएसएफ पश्चिमी कमान ने 380 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 200 से ज्यादा हथियार बरामद किए हैं। 278 ड्रोन और 53 पाकिस्तानी घुसपैठियों व तस्करों को पकड़ा गया है। खंडारे ने बताया कि अमृतसर में ड्रोन फॉरेंसिक लैब बनाई गई है, जिसमें पकड़े गए ड्रोनों की जांच कर उनके उड़ने की जगह, उड़ान की अवधि और अन्य तकनीकी क्षमता का विश्लेषण किया जाता है।
ड्रग तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल
सतीश खंडारे ने बताया कि पंजाब में साल 2019 में पहली बार ड्रग तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू हुआ था। तब तस्कर बड़े आकार के ड्रोन का इस्तेमाल करते थे। अब वे सस्ते और छोटे ड्रोन इस्तेमाल हो रहे हैं, जो एक बार में 500 ग्राम हेरोइन या एक पिस्तौल ही ले जा सकते हैं। फ्रीक्वेंसी हॉपिंग ड्रोन भी आने लगे हैं जिन्हें पकड़ना मुश्किल होता है, लेकिन एंटी-ड्रोन तकनीक भी तेजी से विकसित हो रही है। खंडारे ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से बॉर्डर पर 60 किलोमीटर बाड़ टूट गई थी और जलभराव के कारण सीमा तक पहुंचना मुश्किल था। इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश हुई लेकिन बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए।
बीएसएफ पश्चिमी कमान कश्मीर, जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की पाकिस्तान से लगती 5 सीमाओं के साथ-साथ तीन सहायक प्रशिक्षण केंद्रों की जिम्मेदारी संभालती है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ स्वदेशी तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रही है। रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल, इन्फ्रारेड कैमरे और रेडियो फ्रीक्वेंसी एनालाइजर का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। बॉर्डर पर पुरानी बाड़ की जगह नई बाड़ लगाई जा रही है। जम्मू में घुसपैठ रोकने के लिए 2 अतिरिक्त बटालियन तैनात की गई हैं। सभी नदी वाले गैप बंद किए जा रहे हैं, कमांड पोस्ट बनाए जा रहे हैं और रोशनी की समुचित व्यवस्था की जा रही है।

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Niteesh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




