1/7सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में दिन के हर पहर के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। विशेष रूप से संध्याकाल का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह देवी लक्ष्मी के घर में आगमन का समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान कुछ कार्यों को करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में दरिद्रता आ सकती है। यदि अपने घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य बनाए रखना चाहते हैं, तो सूर्यास्त के आस-पास ये 6 काम करने से बचें-

ज्यादातर लोग शाम के समय भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ करते हैं। हिंदू धर्म में भी पांच पहर पूजा का विधान है। ऐसे में शाम के समय कलह-क्लेश करने से बचना चाहिए। इससे घर की नेगेटिविटी काफी बढ़ जाती है।

संध्याकाल में तुलसी को छूना, पत्ते तोड़ना, या जल चढ़ाना देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु को अप्रसन्न कर सकता है, जिससे धन की हानि होती है।

वास्तु और ज्योतिष दोनों में ही शाम के समय लेन-देन वर्जित बताया गया है। सूर्यास्त के समय धन का लेन-देन करने से माता लक्ष्मी का प्रवाह अवरुद्ध होता है। इस समय उधार देने से वह पैसा वापस आने में कठिनाई होती है, और उधार लेने पर कर्ज बढ़ सकता है।

सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना या कचरा बाहर फेंकना अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी घर से बाहर चली जाती हैं। आप घर में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा और धन को भी घर से बाहर कर देते हैं।

शास्त्रों में शाम के समय सोने वाले व्यक्ति को दुर्भाग्यशाली माना गया है। शाम का समय पूजा-पाठ और ध्यान के लिए होता है। जो व्यक्ति इस समय सोता है, वह घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा और देवी लक्ष्मी के स्वागत से वंचित रह जाता है। इससे धन का आवक रुक जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि शाम के समय देवी-देवता भ्रमण पर निकलते हैं। ध्यान रखें की सूर्यास्त के बाद घर के किसी भी कोने में अंधेरा न रहे। शाम के वक्त अंधेरा रहने से घर की सुख-समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
