1/8बात दें कि चेहरा धोने के बाद और ब्रश करते हुए कई लोग खुद को देखने के लिए बाथरूम में शीशा लगावाते हैं। वास्तु के मुताबिक बाथरूम में शीशा लगाना ठीक है, लेकिन उसकी दिशा, आकार और स्थिति का ख्याल रखना चाहिए। चलिए इससे जुड़े नियम जानते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आप बाथरूम में आईना लगाना चाहते हैं, तो इसके पूर्व या उत्तर की दीवार पर लगाएं।

इन दीवारों पर आप गोलाकार आईने का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ना सिर्फ अच्छा लुक देता है बल्कि इससे मन में सकारात्मक विचार आते हैं।

बाथरूम में शीशा लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि शीशा दरवाजे के ठीक सामने न हो। जब हम बाथरूम में प्रवेश करते हैं तो हमारे साथ सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा दोनों ही बाथरूम में प्रवेश करती है। ऐसे में बाथरूम में शीशे को उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं।

गोलाकार के अलावा वास्तु शास्त्र के अनुसार आप अपने बाथरूम में आयताकार दर्पण भी लगा सकते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आपका बाथरूम दक्षिण पश्चिम दिशा में बनी है, तो इसके लिए पूर्व दिशा की दीवार पर वर्गाकार आईना लगाना चाहिए। इससे घर में फैला वास्तु दोष जल्द ही दूर हो सकता है।

अगर बाथरूम में शीशा लगा हुआ है, तो ध्यान रखें कि वो टूटा या गंदा नहीं होना चाहिए। वास्तु के अनुसार, यह घर में नकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक तंगी, तनाव और रिश्तों में दरार लाता है। बाथरूम के शीशे में टॉयलेट सीट का दिखना अशुभ माना जाता है।

यह खबर सामान्य जानकारियों, धर्म ग्रंथों और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए धर्म विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
