
शरीर से निकले पुराने कपड़े में व्यक्ति की थकान, पसीना, नकारात्मक भावनाएं और कई बार बुरी ऊर्जा जमा हो जाती है। वास्तु में इसे 'अशुद्ध वस्त्र' कहा जाता है। जब ऐसे कपड़े से घर का फर्श पोंछा जाता है, तो वह सारी ऊर्जा पूरे घर में फैल जाती है। इससे झगड़े, आर्थिक रुकावट, स्वास्थ्य समस्या और नींद की कमी जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

2/6शास्त्रों के अनुसार, घर की सफाई 'शुद्ध वस्त्र' से ही करनी चाहिए। पुराने या जूठे कपड़े से सफाई करने से लक्ष्मी जी का अपमान होता है। जो घर पुराने वस्त्र से पोंछता है, वहां धन नहीं टिकता है। पुराने कपड़े से पोछा लगाने से घर में दरिद्रता देवी का प्रवेश हो सकता है।

3/6लक्ष्मी जी रुष्ट होकर धन की बरकत रोक देती हैं। घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, जिससे झगड़े-कलह बढ़ते हैं। स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और सिरदर्द, कमर दर्द, थकान की समस्या बनी रहती है। नींद खराब रहती है, मानसिक अशांति बढ़ती है। संतान की पढ़ाई और करियर में रुकावट आती है।

4/6वास्तु में घर का पोछा लगाने के लिए नया या अच्छी हालत का सूती कपड़ा, पुरानी साड़ी का साफ हिस्सा, जो कभी जूठा ना हुआ हो, माइक्रोफाइबर पोछा कपड़ा आदि सबसे अच्छे माने गए हैं। पोछा लगाते समय वास्तु के नियमों का विशेष ध्यान रखें।

5/6घर में गंगाजल का छिड़काव करें, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' 108 बार जपें, उत्तर-पूर्व कोने में नमक का कटोरा रखें और इसे हर 7 दिन पर बदलें, अगले सोमवार या शुक्रवार को गरीबों को नया कपड़ा दान करें, मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनवाएं या चिपकाएं।

6/6पुराने कपड़े से फर्श पोछना सुविधा लग सकता है, लेकिन वास्तु और शास्त्रों की दृष्टि से यह घर में लक्ष्मी के प्रवेश में बाधा डालता है। आज से ही नया या साफ कपड़ा इस्तेमाल करें। कुछ ही दिनों में घर की ऊर्जा बदल जाएगी। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
