Hindi NewsफोटोVastu Shastra: घर में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखना सही है या गलत, जानिए नियम

Vastu Shastra: घर में एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखना सही है या गलत, जानिए नियम

वास्तु शास्त्र और हिंदू धर्म में घर को मंदिर की तरह पवित्र मानकर देवी-देवताओं की मूर्तियां रखी जाती हैं, लेकिन एक ही भगवान की कई-कई मूर्तियां रखना कितना सही है? वास्तु के अनुसार, एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियां रखना वर्जित है। आइए विस्तार से समझते हैं क्यों नहीं रखनी चाहिए कई मूर्तियां।

Navaneet RathaurJan 17, 2026 09:33 pm IST
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एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियां

वास्तु शास्त्र में घर को एक ऊर्जा क्षेत्र माना जाता है। जब एक ही देवता की दो या अधिक मूर्तियां रखी जाती हैं, तो उनकी ऊर्जा आपस में टकराती है। इससे घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है। मान्यता है कि दो गणेश जी की मूर्तियां होने पर बुद्धि और निर्णय शक्ति में भ्रम आता है।

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एक देवता, एक मूर्ति, एक आसन

शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि एक देवता, एक मूर्ति, एक आसन। एक ही देवता की कई मूर्तियां रखने से पूजा का फल कम हो जाता है और कई बार घर में कलह, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य समस्या बढ़ जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में दो हनुमान जी की मूर्तियां होने पर घर में अनावश्यक तनाव और क्रोध बढ़ सकता है। वहीं दो लक्ष्मी जी की मूर्तियां होने पर धन का प्रवाह रुक सकता है।

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इन देवी-देवताओं की केवल 1 मूर्ति

वास्तु और पुराणों के अनुसार, दो शिवलिंग या दो शिव मूर्तियां होने से परिवार में अशांति आती है। वहीं भगवान विष्णु कि दो मूर्तियां होने पर संतान या वैवाहिक सुख में कमी आ सकती है। घर में भगवान गणेश, भगवान शिव, माता लक्ष्मी, हनुमान जी, भगवान विष्णु या कृष्ण की केवल एक मूर्ति ही घर में रखें। अगर पुरानी मूर्ति खराब हो गई हो, तो पहले उसे विसर्जित करें, फिर नई मूर्ति स्थापित करें।

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किन देवताओं की दो मूर्तियां रखना शुभ माना जाता है?

घर में पूजा स्थान पर देवी-देवताओं की मूर्तियां रखते समय नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। माता दुर्गा या काली, भगवान राम, राधा-कृष्ण या बाल गोपाल की की मूर्तियां जोड़ी में रखी जाती हैं। इन देवी-देवताओं की ना केवल अनुमत है, बल्कि शुभ भी है।

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मूर्ति रखने के वास्तु नियम

मूर्ति स्थापना के कुछ सामान्य वास्तु नियम हैं जिनका पालन करना जरूरी है। पूजा स्थान उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में होना चाहिए। मूर्ति का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में होना चाहिए। वास्तु के अनुसार, दक्षिण मुख वाली मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए। मूर्ति का आकार उचित होना चाहिए। बहुत बड़ी या बहुत छोटी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए।

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गलती से एक ही देवता की कई मूर्तियां हों तो क्या करें?

अगर आपके घर में पहले से एक ही देवता की दो या अधिक मूर्तियां हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे अच्छी और सबसे बड़ी मूर्ति को पूजा स्थान पर रखें। बाकी मूर्तियों को किसी मंदिर में दान कर दें या किसी जलाशय में विसर्जित कर दें। विसर्जन से पहले मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराकर क्षमा मांगें। घर में नई मूर्ति लाने से पहले पुरानी मूर्तियों का विसर्जन जरूर करें।

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इन बातों का रखें ध्यान

एक ही देवता की कई मूर्तियां रखना वास्तु के अनुसार सही नहीं है। इससे ऊर्जा का असंतुलन होता है और घर में सुख-शांति प्रभावित हो सकती है। एक देवता, एक मूर्ति के वास्तु नियमों का पालन करें, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी, नेगेटिविटी दूर रहेगी और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।