
कबूतर शांत स्वभाव का पक्षी है, लेकिन वास्तु और ज्योतिष में इसका संबंध राहु से माना जाता है। घर में कबूतर का घोंसला बनना या लगातार ठहरना अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और रिश्तों में कलह आ सकती है। हालांकि, सुबह-सुबह कबूतर की गुटरगूं प्रेम और सकारात्मकता का संकेत देती है। शाम को इसकी आवाज लड़ाई या चोरी का संकेत मानी जाती है। घोंसला मिले तो उसे हटाने के बाद गंगाजल छिड़कें।

2/7उल्लू माता लक्ष्मी का वाहन है। दिवाली के दिन उल्लू दिखना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह धन और लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है। लेकिन अन्य दिनों में घर पर या आसपास उल्लू का आना या आवाज सुनना अशुभ माना जाता है। इससे तरक्की रुकती है, नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में अशांति आ सकती है। उल्लू दिखे तो गंगा जल छिड़ककर 'ॐ नमः शिवाय' जपें।

3/7गिद्ध मृत्यु और नकारात्मकता से जुड़ा पक्षी है। घर के आसपास या छत पर गिद्ध दिखना या घूमना बेहद अशुभ है। इससे झगड़े, धन हानि और सुख में कमी आती है। कौआ भविष्य का संकेतक है। सिर पर कौआ बैठना मान-सम्मान का संकेत है, लेकिन बहुत सारे कौए शोर मचाकर आएं तो खतरा या अनहोनी का संकेत है। गिद्ध दिखे तो गंगाजल छिड़कें और कौए को रोटी खिलाएं।

4/7चमगादड़ रात का पक्षी है और उल्टा लटकने की वजह से इसे भारतीय मान्यताओं में अशुभ माना जाता है। घर में या आसपास चमगादड़ का आना मृत्यु, बड़ी समस्या या नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है। हालांकि, चीन में चमगादड़ को धन और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। चमगादड़ दिखे तो घर में गंगाजल छिड़कें और 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार जपें।

5/7गौरैया और छोटी चिड़िया घर में घोंसला बनाती हैं, तो यह बहुत शुभ संकेत है। वास्तु और शास्त्रों में गौरैया का घर में रहना सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की एकता का प्रतीक माना जाता है। जहां गौरैया रहती है, वहां परिवार स्वस्थ और खुश रहता है। गौरैया को दाना-पानी दें। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है।

6/7कई बार कौआ या अन्य पक्षियों के साथ चींटियां घर में या आंगन में दिखती हैं। धार्मिक मान्यताओं में यह पूर्वजों के आशीर्वाद और पितरों की प्रसन्नता का संकेत है। इसे अशुभ नहीं बल्कि बहुत सकारात्मक माना जाता है। कौए को रोटी खिलाएं और चींटियों को गुड़-चावल चढ़ाएं। इससे पितरों की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-शांति बढ़ती है।

7/7पक्षियों का आना संयोग नहीं, बल्कि संकेत है। शुभ पक्षियों को दाना-पानी दें और अशुभ पक्षियों के संकेत पर गंगाजल छिड़कें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
