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वास्तु शास्त्र: घर में अटैच बाथरूम बनवाना सही होता है या नहीं, जानिए इसके शुभ-अशुभ प्रभाव

आजकल हर कोई घर में अटैच बाथरूम बनवाना चाहता है, क्योंकि यह सुविधाजनक लगता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका प्रभाव बहुत गहरा होता है। अगर सही दिशा और नियमों के साथ बनाया जाए, तो कोई समस्या नहीं, लेकिन गलत जगह पर अटैच बाथरूम बनवाने से नुकसान होता है। आइए जानते हैं अटैच बाथरूम के नियम।

Navaneet RathaurDec 22, 2025 05:46 pm IST
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अटैच बाथरूम से बीमारियां बढ़ सकती हैं

वास्तु में बाथरूम जल और अपशिष्ट का स्थान है। अगर यह बेडरूम से जुड़ा हो, तो नकारात्मक ऊर्जा सीधे सोते समय शरीर पर पड़ती है। इससे नींद खराब होती है, सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, त्वचा रोग और मानसिक तनाव बढ़ता है। खासकर मास्टर बेडरूम में अटैच बाथरूम होने से दंपति के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। शास्त्र कहते हैं – जल और अग्नि का मिश्रण अशुभ होता है।

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अशुभ प्रभाव

अटैच बाथरूम से घर में जल तत्व बढ़ता है, जो धन के बहाव का कारण बनता है। पैसा आता है, लेकिन खर्च हो जाता है। दंपति के बीच झगड़े, गलतफहमी और विश्वास की कमी बढ़ती है। अगर बाथरूम बेड के सिरहाने की दिशा में हो, तो सबसे बड़ा वास्तु दोष बनता है। इससे करियर में रुकावट और मान-सम्मान की हानि होती है।

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उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में बनवाएं

अगर अटैच बाथरूम बनवाना जरूरी है तो उत्तर-पश्चिम (वायु कोण) या पश्चिम दिशा में बनवाएं। ये दिशाएं जल तत्व को संतुलित करती हैं। बाथरूम का दरवाजा बेडरूम से अलग और हमेशा बंद रखें। दरवाजे पर पर्दा या वास्तु पिरामिड लगाएं। इससे नकारात्मक प्रभाव काफी कम हो जाता है और सुविधा भी मिलती है।

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ईशान या दक्षिण-पूर्व में कभी ना बनवाएं

ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) देवताओं का स्थान है। यहां बाथरूम बनवाने से कुल देवता रुष्ट हो जाते हैं, संतान कष्ट और मानसिक अशांति होती है। दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में बाथरूम बनाने से स्वास्थ्य और रिश्तों में आग लग जाती है। इन दिशाओं में अटैच बाथरूम सबसे बड़ा वास्तु दोष है। अगर पहले से है तो तुरंत उपाय करें।

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पहले से है तो ये उपाय जरूर करें

बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें, ऊपर पर्दा लगाएं। बाथरूम में समुद्री नमक का कटोरा रखें, हर हफ्ते बदलें। रात को बाथरूम में नीला बल्ब जलाएं। बेड और बाथरूम के बीच मिरर या वास्तु पिरामिड लगाएं। इन उपायों से नकारात्मक प्रभाव 80 फीसदी कम हो जाता है।

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बेडरूम में अलग बाथरूम का विकल्प

वास्तु के अनुसार, सबसे शुभ है कि बाथरूम बेडरूम से अलग हो। अगर जगह हो तो कॉमन बाथरूम बनवाएं। अटैच ही बनवाना है तो बाथरूम बेड के पैरों की दिशा में हो, सिरहाने की ओर कभी नहीं। बाथरूम में हमेशा साफ-सफाई और खुशबू रखें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

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सावधानी बरतें

अटैच बाथरूम सुविधा तो देता है, लेकिन वास्तु दोष भी लाता है। अगर बनवाना ही है, तो सही दिशा और उपाय जरूर अपनाएं। पहले से है, तो उपाय शुरू करें। वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लें। सही वास्तु से जीवन में स्वास्थ्य, धन और सुख बना रहता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।