
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज यानी 7 जुलाई 2026 को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्रिकेट की दुनिया में कई खिलाड़ी आए और गए। यहां तक कि आते-जाते रहेंगे, लेकिन धोनी जैसा धुरंधर मिलने की संभावना ना के बराबर है। धोनी अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़कर गए हैं, जिस पर अपना साम्राज्य खड़ा करना, मानो ऐसा होगा, जैसे कैलाश पर्वत को फतह कर लिया। आज आप उनके 5 बेजोड़ रिकॉर्ड्स के बारे में जान लीजिए।

2/6क्रिकेट के इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने ICC की व्हाइट बॉल क्रिकेट की तीनों ट्रॉफी जीती हुई हैं। साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप, 2011 में वनडे विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी उनकी कप्तानी में भारतीय टीम जीती थी।

3/6जिन बल्लेबाजों को क्रीज से आगे निकलकर खेलने का शौक रहता था, वह बल्लेबाज भी धोनी के विकेट के पीछे रहते हुए क्रीज के अंदर ही खड़े रहते थे। एमएस धोनी ने मात्र 0.08 सेकंड में स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड बनाया हुआ है। इतनी तेज स्टंपिंग इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी ने नहीं की। विकेट के पीछे धोने के हाथ चीते की रफ्तार से भी तेज चलते थे। धोनी का यह रिकॉर्ड इसलिए खास है, क्योंकि इंसान को पलक झपकने में ही लगभग 0.10 से 0.15 सेकंड का समय लग जाता है, लेकिन उससे भी कम समय में धोनी ने स्टंपिंग की हुई है।

4/6विकेटकीपर के तौर पर धोनी की मिसाल इसलिए भी दी जाती है, क्योंकि उनके स्टंपिंग की स्टाइल बहुत अलग थी। स्टंपिंग के मामले में उनका कोई तोड़ नहीं था। उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट, वनडे, टी20 मिलाकर) में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड है। उन्होंने 195 शिकार स्टंपिंग के तौर पर किए। कुमार संगाकारा ने 139 शिकार किए थे।

5/6एमएस धोनी दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी की है। इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को मिलाकर सबसे अधिक मैचों में कप्तानी करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम है। उन्होंने भारतीय टीम का नेतृत्व कुल 332 अंतरराष्ट्रीय मैचों में किया है, जिनमें 200 वनडे, 60 टेस्ट और 72 टी20आई मैच शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग 324 मैचों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

6/6आमतौर पर वनडे क्रिकेट में बड़े शतक टॉप ऑर्डर यानी नंबर 1 से लेकर नंबर 3 के बल्लेबाज ज्यादा लगाते हैं, लेकिन धोनी ने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए 113 रनों की नाबाद पारी खेली थी, जो वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास की नंबर 7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए किसी भी कप्तान की सबसे बड़ी पारी थी।
