
वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को अचानक उग्र हो गया और उन्होंने कई जगहों पर जाम लगाया और तोड़फोड़ की।

2/10पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र और ईकोटेक- प्रथम के औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

3/10अधिकारियों के मुताबिक, कई जगह पर श्रमिकों ने जाम लगाया और विभिन्न स्थानों पर उनकी पुलिस के साथ नोंक-झोंक भी हुई।

4/10एक अधिकारी ने बताया कि कई जगहों पर श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया और कुछ कारों में आग लगाए जाने तथा कारखानों में तोड़फोड़ की भी खबर है जिसके बाद पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

5/10अधिकारी ने बताया कि श्रमिकों ने एक पुलिस वाहन पर भी हमला किया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर भारी बल के साथ तैनात हैं, वहीं श्रमिक भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

6/10प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी कई अहम मांगें रखीं, जिनमें बोनस का भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का उचित भुगतान और समय पर वेतन शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति के गठन, शिकायत निवारण सेल की स्थापना और कर्मचारियों को नियमित रूप से सैलरी स्लिप उपलब्ध कराने की भी मांग की।

7/10अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है और उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है।

8/10जिलाधिकारी मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था अपने हाथ में ना लें। श्रमिकों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को वाहनों का मार्ग बदलना पड़ा और सुबह के समय दफ्तर जाते हुए लोग देर तक जाम से जूझते नजर आए।

9/10एक औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी ललित ठुकराल ने आरोप लगाया कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है और कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है, इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं।

10/10जिलाधिकारी रूपम ने कहा कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन के दिशानिर्देश के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा।
