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मथुरा में लट्ठमार होली की धूम, देखें तस्वीरें

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lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
राधारानी की क्रीड़ा स्थली बरसाने की लट्ठमार होली के प्रेम, शौर्य एवं संगीत की ऐसी त्रिवेणी प्रवाहित हुई, जिसे देख देश-विदेश से आए लाखों कला प्रेमी भाव विभोर हो गए। (फोटो-एएफपी)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्रियों के लिए गोपियों का लाठी चलाना एक अनूठा अनुभव था, क्योंकि होली रंग एवं प्रेम के त्योहार में लाठी चलाने की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्हें यह पता नहीं था कि यह प्रेम भरी लाठी थी जो हुरिहारों पर केवल इसलिए चलाई जा रही थी कि वे रंग डालकर गोपियों के नये वस्त्र खराब न करें। (फोटो-एएफपी)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
गोपियां प्रेम पगी लाठी का वार केवल ढाल पर कर रही थीं तथा इस बात का उन्हें पूरा ध्यान था कि कहीं किसी हुरिहारों को चोट न लगे। वैसे विदेशी पर्यटक उस समय आश्चर्यचकित थे जब एक हुरिहार पर 2 या 3 गोपियां लाठी से प्रहार कर रही थीं और वह फुदक-फुदक कर उनके वार को बराबर बदार्स्त कर रहा था। (फोटो-एएफपी)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
इसी बीच रसिया के स्वर गूंज उठे फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नन्द किशोर, एक ओर प्रेम पगी लाठियां चल रही थीं तो दूसरी ओर होली के रसिया गूंज रहे थे, आज बिरज में होरी रे रसिया। होरी रे रसिया बरजोरी रे रसिया, आज बिरज में होरी रे रसिया। (फोटो-पीटीआई)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
इसी वातावरण में कुछ गोप और कुछ गोपियां रह रहकर नृत्य कर उठती थीं, जिससे वातावरण मस्ती से भर जाता था। आसपास की छतों से उड़ता सतरंगी गुलाल, टेसू के फूलों का रंग, बम्ब पर रसिया गायन ऐसा दृश्य उपस्थित कर रहा था जैसा तीन लोक में भी नहीं देखने को मिलेगा इसीलिए हुरिहार गा रहे थे। ऐसो रंग बरसे बरसाने जेसो तीन लोक में नायरा। (फोटो-पीटीआई)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
आज सुबह नन्दगांव से हुरिहार झंडी के साथ जब बरसाने को रवाना हुए तो वातावरण मस्ती से भरा हुआ था। वे गा रहे थे होरी खेलो तो चलो बरसाने जहां हो रही रंगीली होरी। (फोटो-पीटीआई)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
बरसाने में उनके पहुंचने पर पीली पोखर पर बरसानेवासियों ने उनका स्वागत ठंडाई भाग आदि से किया, तो सभी हुरिहारों ने अपनी ढ़ाल ठीक की और फिर रसिया गाते लाड़ली जी मंदिर पहुंचे जहां एक घंटे तक समाज गायन हुआ। इसके बाद वहीं से रंग की होली शुरू हो गई। (फोटो-पीटीआई)
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हुरिहार रंगीली गली के लिए रवाना हुए तो रास्ते में खड़ी गोपियों से हंसी ठिठोली करते जा रहे थे। बीच-बीच में गोपियां उन्हें लाठियों से कोंच रही थीं। उनके रंगीली गली में पहुंचने पर लठामार होली शुरू हुई जो सूयार्स्त होते ही नन्द के लाला की जय से समाप्त हुई। (फोटो-पीटीआई)
lathmar holi celebration in the village of barsana on the outskirts of mathura
लाडली मंदिर बरसाना के रिसीवर कृष्ण मुरारी गोस्वामी ने बताया कि गुरूवार को दस कुंतल लड्डू का प्रसाद राधारानी को लगाया गया और फिर उसकी जगमोहन से एक प्रकार से बरसात सी हुई जिसे श्रद्धालुओं ने लूट लूटकर खाया और एक दूसरे पर प्रहार भी किया। (फोटो-पीटीआई)
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