
सफेद रंग भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। महाशिवरात्रि पर साबूदाना की खीर या मखाने की खीर बनाकर भोग लगाएं। इसे चावल की खीर की तरह ही तैयार किया जा सकता है, जिसमें दूध, चीनी और इलायची डालें। सफेद खीर से महादेव की शीतलता बनी रहती है और भक्त को शांति व मनोकामना पूर्ति का वरदान मिलता है। यह भोग सबसे पहले चढ़ाना शुभ माना जाता है।

2/8समुद्र मंथन में निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने कंठ में धारण किया था, जिससे शरीर में जलन हुई। देवताओं ने ठंडी चीजें खिलाकर उन्हें शीतल किया। महाशिवरात्रि पर ठंडाई का भोग लगाना अत्यंत प्रिय है। इसमें दूध, बादाम, काजू, मगज, केसर, चीनी और भांग डालकर बनाएं। ठंडाई से महादेव की शीतलता बनी रहती है और भक्त को शांति मिलती है।

3/8महाशिवरात्रि पर शुद्ध घी से तैयार सूजी का हलवा या आटे का हलवा बनाकर भोग लगाएं। हलवा में इलायची, केसर और काजू डालें। यह भोग सरल लेकिन बहुत प्रिय है। वास्तु और पुराणों के अनुसार, हलवे का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और भक्त के सभी कष्ट दूर होते हैं।

4/8भगवान शिव को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है। महाशिवरात्रि पर खोया से बनी बर्फी बनाकर भोग लगाएं। इसे पिस्ता, बादाम या केसर से सजाएं। बर्फी का भोग लगाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सौभाग्य बढ़ता है। यह भोग बहुत ही शुद्ध और सात्विक होता है।

5/8दूध, दही, घी, शहद और शक्कर को मिलाकर तैयार पंचामृत अमृत के समान पवित्र होता है। महाशिवरात्रि पर पंचामृत का भोग लगाना अत्यंत शुभ है। यह भोग सभी देवताओं को प्रिय है और भक्तों के पापों का नाश करता है। पंचामृत चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

6/8भगवान शिव को भांग, धतूरा और बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं। महाशिवरात्रि पर भांग से बनी ठंडाई या भांग की पेड़े बनाकर भोग लगाएं। भांग का भोग लगाने से महादेव अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। भांग का सेवन सात्विक भाव से करना चाहिए।

7/8महाशिवरात्रि पर खीर, ठंडाई, हलवा, खोया बर्फी, पंचामृत और भांग से बनी चीजों का भोग लगाने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं। इस दिन विधि-विधान से पूजा करें, बेलपत्र, धतूरा और जल चढ़ाएं। इन भोगों से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

8/8इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
