1/7आजकल खाने पीने की चीजों में मिलावट आम समस्या हो गई है। मुनाफाखोर ज्यादा फायदा कमाने के लिए दूध, दही, पनीर, घी, तेल, मसालों, मिठाइयों के अलावा भुने हुए चनों तक में मिलावट करके बेचने लगते हैं। तेल, मसालों में मिलावट की पहचान करने के टिप्स तो हम आपके साथ कई बार शेयर कर चुके हैं। लेकिन आज आपके साथ शेयर करेंगे भुने हुए चने में मिलावट की पहचान करने के आसान टिप्स एंड ट्रिक।

अगर आपको चने की क्वालिटी का पता लगाना है तो पानी का यूज कर सकते हैं। इसके लिए एक ग्लास पानी में कुछ चने डालकर चलाएं। यदि पानी का रंग दूधिया या चौक सा हो जाए तो समझ लीजिए कि इसमें कोई ना कोई केमिकल मिलाया गया है। वहीं अगर पानी का रंग साफ बना रहता है तो आपका खरीदा हुआ चना असली है।

आप किसी कपड़े या टिशू पेपर में कुछ चने रखकर रगड़कर देखें। यदि सफेद कपड़े या टिशू पेपर पर लाल या पीला दाग लगता है, तो समझ लें कि इसमें आर्टिफिशियल रंग मिलाया गया है। लेकिन कपड़े पर कोई दाग या रंग नहीं लगता है तो समझिए आपने असली चना खरीदा है।

आप भुने हुए चने के असली होने का पता उसे सूंघकर भी लगा सकते हैं। यदि चने में से किसी केमिकल, चॉक या साबुन जैसी स्मेल आती है तो चने में मिलावट की गई है। लेकिन चने से अगर मिट्टी जैसी खुशबू आए तो समझ जाएं चना सही और खाने लायक है।

एक पैन में बिना तेल डालकर चनों को ड्राई रोस्ट करके देखें। अगर चने में कोई केमिकल मिलाया गया होगा तो भूनने के दौरान तीखा केमिकल वाला धुआं निकलेगा। जबकि असली भुना हुआ चना रोस्ट करने पर नेचुरल खुशबू देगा।

असली भुना चना हमेशा रंग में हल्का भूरा या प्राकृतिक रंग का होता है। जबकि नकली चना केमिकल पॉलिश की वजह से रंग में बहुत ज्यादा चमकीला, चटक पीला या गहरा चमकदार भूरा दिखता है।

असली चना चबाने पर सिर्फ चने का स्वाद आता है। लेकिन नकली चना चबाते ही केमिकल, तेल या अजीब कड़वा स्वाद देता है।
