हथेलियों का पसीना: सिर्फ घबराहट या किसी बीमारी का संकेत? जानें क्या है हाइपरहाइड्रोसिस, लक्षण और उपाय

Reasons Behind Sweaty Hands : ज्यादातर लोग इसे सामान्य घबराहट या मौसम का असर मानकर टाल देते हैं, लेकिन शरीर का यह 'वाटरवर्क्स' असल में भीतर छिपे किसी बड़े संकेत की दस्तक भी हो सकता है।

Manju MamgainMar 09, 2026 05:00 pm IST
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क्या हाथों में पसीना आना सामान्य है?

डॉ. अमित प्रकाश सिंह कहते हैं कि कई लोगों को हाथों में बार-बार पसीना आ जाता है, जैसे किसी से हाथ मिलाते समय, लिखते समय या मोबाइल इस्तेमाल करते समय। इस समस्या को अक्सर लोग सोचते हैं कि यह गर्मी या घबराहट की वजह से हो रहा है। हालांकि कई बार यह सच भी होता है, लेकिन अगर हथेलियों में बहुत ज्यादा या बार-बार पसीना आए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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मेडिकल भाषा में इसे क्या कहते हैं?

डॉक्टरों की भाषा में हथेलियों में ज्यादा पसीना आने की समस्या को पामर हाइपरहाइड्रोसिस (Palmar Hyperhidrosis) कहा जाता है। बता दें, पसीना आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, जिससे शरीर अपना तापमान नियंत्रित करता है। लेकिन जब स्वेट ग्लैंड्स जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, तब हथेलियों में लगातार पसीना आने लगता है और यह असहज महसूस करवा सकता है।

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हथेलियों पर अधिक पसीना आने के पीछे छिपे आम कारण

तनाव और चिंता- जब हम तनाव में होते हैं या घबराते हैं, तब हाथों में पसीना आ सकता है। कुछ लोगों में एंग्जायटी डिसऑर्डर की वजह से भी बार-बार ऐसा हो सकता है। जिसमें दिल की धड़कन तेज होना, बेचैनी या घबराहट भी महसूस हो सकती है।

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थायरॉइड ज्यादा सक्रिय होना

अगर किसी का थायरॉइड ज्यादा सक्रिय (हाइपरथायरॉइडिज्म) हो जाए, तो भी हथेलियों पर ज्यादा पसीना आ सकता है। इसके अलावा गर्मी अधिक लगना, दिल की धड़कन तेज होना, हाथ कांपना या वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। ऐसे में थायरॉइड फंक्शन टेस्ट करवाना जरूरी हो सकता है।

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लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया)

जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है और वो इसे कंट्रोल रखने के लिए दवाएं लेते हैं, ऐसे लोगों का कई बार ब्लड शुगर लो होने पर भी हाथों में पसीना आ सकता है।

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कुछ संक्रमण

कुछ मामलों में टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) जैसे संक्रमण में भी रात को ज्यादा पसीना आना या फिर हथेलियों में पसीना हो सकता है।

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दवाओं का असर

अगर कोई व्यक्ति एंटीडिप्रेसेंट दवाइयां ले रहा है, तो उनके साइड इफेक्ट के रूप में पसीना या हथेलियों में नमी महसूस हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

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क्या हर बार चिंता की बात है?

जरूरी नहीं कि हर बार पसीने वाले हाथ किसी गंभीर बीमारी का संकेत हों। कई लोगों में स्वेट ग्लैंड्स स्वाभाविक रूप से ज्यादा सक्रिय होती हैं, जो बिल्कुल सामान्य हो सकता है।

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समस्या से राहत कैसे मिल सकती है?

पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। कैफीन (जैसे ज्यादा चाय-कॉफी) कम करें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर टॉपिकल एंटीपर्सपिरेंट लोशन भी दे सकते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में योनटोफोरेसिस या बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन जैसे इलाज भी मदद कर सकते हैं, लेकिन यह हमेशा डॉक्टर की निगरानी में ही करवाना चाहिए।

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सलाह

कभी-कभी हाथों में पसीना आना सामान्य है। लेकिन अगर पसीना बहुत ज्यादा, लगातार या धड़कन तेज महसूस हो रही हो, कांपना या वजन कम होना जैसे लक्षणों के साथ हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है। सही जांच से कारण पता चल जाता है और समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

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