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नींद में गड़बड़ी बिगाड़ सकती है सेहत, जानें स्लीप डिसॉर्डर के बारे में

हिन्दुस्तान फीचर टीम, नई दिल्ली
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नींद की गड़बड़ी बहुत आम समस्या है। इससे दुनिया भर में बहुत सारे लोगों का जीवन मुश्किल हो रहा है। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं। नींद से जुड़ी समस्याओं को कभी भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि स्वस्थ और सही नींद जीवन में किसी अन्य चीज से कम महत्वपूर्ण नहीं हैं। नींद में गड़बड़ी पूरी सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होती है। लंबे समय तक नींद में गड़बड़ी रहने से आपकी मानसिक सेहत भी बिगड़ सकती है और ऊर्जा भी कम हो सकती है। नींद में गड़बड़ी के क्या-क्या कारण हैं और उनसे बचाव के क्या-क्या उपाय हैं, जानकारी देता आलेख सोने की आपकी शैली में छोटी से लेकर गंभीर समस्या तक को स्लीप डिसॉर्डर कहा जाता है। नींद में गड़बड़ी आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि इसका असर आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। सोने में आपको साधारण दिक्कत हो या नींद न आने की गंभीर समस्या, आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कुछ प्रभावी उपाय करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि आपको ठीक से नींद आए। ऐसे में अच्छी नींद के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जानकारी जरूरी हो जाती है।
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प्रभाव और लक्षण स्लीप डिसॉर्डर (नींद की गड़बड़ी) की अवधि और गंभीरता पर आधारित स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं। इनमें लगातार सिरदर्द, भारीपन और आंखें भरी हुई लगना, थकान, मानसिक तनाव और अवसाद, चिड़चिड़ापन, दिन के समय आलस महसूस होना, सांस की गड़बड़ी, सोने में दिक्कत आदि शामिल हैं। कई किस्म की गड़बड़ियां लक्षणों की गंभीरता के आधार पर नींद की गड़बड़ी को अलग-अलग श्रेणी में बांटा जाता है। नींद न आना : अनिद्रा नींद की सबसे आम गड़बड़ी है और दुनिया भर में करीब 10 प्रतिशत वयस्कों को प्रभावित करती है। इसमें या तो नींद पूरी नहीं होती है या फिर नींद नहीं आती या दोनों स्थिति होती हैं। जिन लोगों को अनिद्रा की बीमारी है, उनके लिए कुछ घंटे सोना भी मुश्किल होता है। अगर नींद में यह दिक्कत सप्ताह में तीन रात और तीन महीने तक हो, तो इसे क्रोनिक (स्थायी) अनिद्रा माना जाता है। इसके लिए पीड़ित व्यक्ति द्वारा तत्काल उपयुक्त चिकित्सा सहायता ली जानी चाहिए। नींद में असामान्य व्यवहार : अनिद्रा की गड़बड़ी को नींद में असामान्य व्यवहार (पैरासोम्निया) से भिन्न श्रेणी में बांटा जाता है। अलग लोगों में अलग तरह के व्यवहार देखे जाते हैं। इसमें नींद के दौरान डरना, खाना, चलना, तेजी से आंखें घुमाना, व्यवहार की गड़बड़ी, नींद में खुद से तरह-तरह की बातें करना और नींद में कई अन्य व्यवहार आदि शामिल हैं। किशोरों में यह बहुत आम है। यह आवश्यक है कि पैरासोम्निया का ठीक से इलाज हो और डॉक्टर की सलाह का पूरा पालन किया जाए।
स्लीप पैरालिसिस : स्लीप पैरालिसिस बहुत आम पर डरावनी स्थिति है। दुनिया भर में करीब 25 प्रतिशत लोग स्लीप पैरालिसिस के शिकार रह चुके हैं। इसके मरीज सोकर उठने के बाद अस्थायी रूप से असहज महसूस करते हैं। कई बार यह बहुत डरावना होता है, क्योंकि मरीज जगा हुआ लगता है, पर वह हिल नहीं सकता। स्लीप पैरालिसिस का संबंध अकसर बुरे सपने से होता है। इसका पता लगाना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लक्षण नार्कोलेप्सी से काफी मिलते हैं। अगर पता चल जाए तो मरीज को आश्वासन और अवसाद कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं, जिनकी हल्की खुराक से ही काफी लाभ होता है।
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नार्कोलेप्सी : नार्कोलेप्सी (कैटाप्लेक्सी) के खास लक्षण हैं। इनमें स्लीप पैरालिसिस, कैटाप्लेक्सी, दिन में अत्यधिक नींद आना और निद्राजनक बुरे सपने शामिल हैं। ऐसे व्यक्ति को खूब नींद आती है। ऐसे व्यक्ति में दिक्कत यह होती है कि उसे रात में नींद नहीं आती, बल्कि दिन में नींद आती है। इसमें मांसपेशियों की रंगत चली जाना और भावनात्मक प्रेरणा पर प्रतिक्रिया कर पाने में असमर्थता दिखती है। चौंकाने वाली स्थितियां जैसे अचानक चौंक जाना, हंसना या घुटना मुड़ जाने की घटना भी कुछ मरीजों में देखी जाती है। नार्कोलेप्सी के उपचार के लिए जो दवाएं दी जाती हैं, उनमें सोडियम ऑक्जीबेट व अवसाद रोकने वाली कुछ और दवाएं शामिल होती हैं।
क्रोनिक फटीग सिन्ड्रोम: लंबे समय तक बने रहने वाली थकान क्रोनिक फटीग सिन्ड्रोम (सीएफएस) की मुख्य खासियत है। शारीरिक और मानसिक गतिविधियों के कारण दिन में लंबे समय तक महसूस होने वाली थकान रात के समय ठीक-ठाक आराम करने पर भी दूर नहीं होती। कभी-कभी यह थकान ज्यादा हो सकती है, जिस कारण आप कोई काम न कर पाएं और आपकी पूरी दिनचर्या बिगड़ जाए। स्लीप एपनिया समेत कई सारे लक्षणों का संबंध सीएफएस से होता है। उपयुक्त उपचार शुरू करने से पहले इन्हें खत्म कर दिया जाना चाहिए। ये नींद की कुछ आम किस्म की गड़बड़ियां हैं, जो दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती हैं। और भी हो सकती हैं गड़बड़ियां नींद की कुछ और गड़बड़ियों में जेटलैग, सीजनल एफेक्टिव डिसॉर्डर और सरकैडियन रिद्म सिन्ड्रोम शामिल हैं। सही उपचार के लिए समय पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उपचार को बीच में बिल्कुल भी न छोड़ें। डॉक्टर की सलाहों का पूरा पालन करना भी जरूरी है। कैसे करें नींद की गड़बड़ी का प्रबंधन नींद की गड़बड़ी का प्रबंधन आप कुछ आसान तरीकों से कर सकते हैं। इसके लिए खासकर शुरुआत से ही कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
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वजन ठीक रखें मोटापा व वजन ज्यादा होना स्वास्थ्य से संबंधित अनेक समस्याओं का प्रमुख्य कारण है। अगर आप मोटे हैं, तो तुरंत अपना वजन कम करने के बारे में सोचें। उपयुक्त और नियमित व्यायाम तथा पौष्टिक आहार से शरीर का वजन ठीक रखने में सहायता मिलेगी। योग अगर आराम नहीं कर पाना या मानसिक अवसाद नींद की गड़बड़ी का कारण है, तो आपको योग के बारे में सोचना चाहिए। योग से आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक होने वाला नहीं है, पर इससे ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक होगा और सांस लेने की शक्ति बढ़ेगी। स्लीप एप्निया में ऑक्सीजन की कमी होना बहुत आम है और इसे ठीक करने के लिए योग सबसे अच्छा तरीका है। कौन-कौन सी यौगिक क्रियाएं इसके लिए फायदेमंद हैं, इस बारे में योग विशेषज्ञ से उचित जानकारी लेना जरूरी है। धूम्रपान और शराब से बचें जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाना बेहद प्रभावी हो सकता है। अच्छी सेहत और अच्छी नींद के लिए शराब-सिगरेट छोड़ना बेहद जरूरी है। अगर आप इनमें से किसी के भी आदी हैं, तो मेडिकल काउंसिलिंग की सहायता से इससे मुक्ति पाने की कोशिश करें। डॉक्टर से संपर्क कब करें नींद की गड़बड़ी को नजरअंदाज करना अच्छी बात नहीं है, क्योंकि आपके स्वास्थ्य के लिए यह बेहद खतरनाक बन सकती है। लंबे समय तक नींद की गड़बड़ी कभी-कभी जानलेवा हो सकती है। आप जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनका ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। कोशिश करें कि बताए गए तरीकों से घर पर ही आप इन्हें ठीक कर सकें। अगर आप व्यायाम और आहार में बदलाव से ऐसा नहीं कर पाएं, तो बेहतर होगा कि आप तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आप कुछ महीनों से लगातार स्लीप पैटर्न को लेकर परेशान हैं, तो यह डॉक्टर के पास जाने का समय है। सिरदर्द, नींद न आना, बेचैनी आदि जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सोने की स्थिति सोने की स्थिति में मामूली परिवर्तन से आपकी नींद आने की शैली में बड़ा बदलाव हो सकता है। विशेषज्ञ की सहायता से सोने की अपनी स्थिति में थोड़ा संशोधन करने की कोशिश करें, ताकि यह पता चले कि आपको रात में सोने में आसानी हो रही है या नहीं।
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  • Web Title:Sleep disturbances may spoil health know all about sleep disorders