1/7रिपब्लिक डे 2026 पर मिलने वाला साल का पहला लॉन्ग वीकेंड, कई लोगों के लिए रोजमर्रा की भागदौड़ से बाहर निकलकर नई-नई खूबसूरत जगहें तलाशने का सुनहरा मौका है। आमतौर पर लॉन्ग वीकेंड के दौरान गोवा, मनाली, जयपुर और उदयपुर जैसे फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन में काफी भीड़ होती है। इसके अलावा छुट्टियों के पीक समय पर भीड़ के साथ महंगे होटल, ट्रैफिक जाम और भरी हुई जगहें लोगों को सुकून देने की जगह उनकी परेशानी बढ़ा देती हैं। ऐसे में अगर आप इन 3 छुट्टियों को शहर की भीड़ भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर रहकर गुजारना चाहते हैं तो भारत की ये 7 जगह आपको नेचर के खूबसूरत नजारों के साथ मानसिक सुकून भी देंगी। यहां गुजारा हर पल आपके ट्रिप को यादगार बना देगा।

देहरादून के पास स्थित यह एक शांत कस्बा है। यहां 'टाइगर फॉल्स' और बर्फीली चोटियों के नजारे बिना शोर-शराबे के देखने को मिलते हैं। चकराता की खूबसूरती बढ़ाते ऊंचे देवदार के पेड़ और 'टाइगर फॉल्स' तक पहुंचने के शांत ट्रैक का आनंद लेने लोग दूर-दर से आते हैं। यहां की 'चिन्मरी नेक' चोटी से हिमालय का 360-डिग्री व्यू दिखता है।

कुल्लू जिले की यह छिपी हुई जन्नत अपने विक्टोरियन स्टाइल लकड़ी के बने घरों और पाइन के जंगलों के लिए मशहूर है। यहां पहुंचकर 'तीर्थन वैली' की शांति आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। जिभी वाटरफॉल के पास घंटों बैठकर किताब पढ़ना या 'जलोरी पास' की बर्फीली वादियों में टहलना एक जादुई एहसास देता है।

उमंगोट नदी का पानी इतना साफ है कि आपको नदी की तलहटी का एक-एक पत्थर दिखता है। यहां आप नदी के किनारे टेंट में रुक सकते हैं और नदी के बीचों-बीच 'रॉक जंपिंग' या 'कायाकिंग' का आनंद ले सकते हैं।

एलेप्पी की भीड़ से दूर, यहां के बैकवाटर्स बहुत शांत हैं। छोटे कैनो (नाव) में बैठकर यहां के गांवों और नहरों की सैर करना एक जादुई अनुभव है। यहां का 'विलेज लाइफ' अनुभव बहुत ही सादा और दिल जीतने वाला है।

इतिहास के शौकीनों के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं। बेतवा नदी के किनारे स्थित ओरछा के मंदिर और महल आपको पुराने जमाने की याद दिला देंगे। शाम के समय बेतवा नदी के किनारे 'आरती' और पत्थरों पर बैठकर सूर्यास्त देखना बहुत सुकून देता है।

अगर आप रॉयल फील और वाइल्डलाइफ चाहते हैं, तो यहां के 'लेपर्ड सफारी' का आनंद लें। यहां ग्रेनाइट की पहाड़ियों के बीच आपको वो शांति मिलेगी जो जयपुर या उदयपुर में मुमकिन नहीं। यहां की ग्रेनाइट चट्टानें और जवाई बांध का नजारा राजस्थान के बाकी रेगिस्तान से बिल्कुल अलग है।
