
मिनी गरतांग गली को कोटली भेल ट्रेक के नाम से भी जाना जाता है। ये जगह ऋषिकेश से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। उत्तरकाशी की फेमस गरतांग गली की तर यहां भी लकड़ी का पुल है। ये पुल पर्यटकों को मजेदार स्काईवॉक का अनुभव देता है। जानिए इस जगह की खासियत और यहां कैसे पहुंचे।

2/8मिनी गर्तांग गली में गंगा नदी पर बना एक संकरा झूलता हुआ पुल है जो 136 मीटर लंबा और 1.8 मीटर चौड़ा है, इस लकड़ी के पुल को पेशावरी पठानों द्वारा बनाया गया था। ऐडवेंचर लवर्स को ये जगह पसंद आएगी।

3/8रास्ते में एक छिपा हुआ झरना जिसे कौडियाला झरना कहा जाता है। इस झरने के बर्फीले ठंडे पानी में डुबकी लगा सकते हैं।

4/8तपोवन के भीड़भाड़ वाले इलाके से अलग ये जगह शांत है और घने हिमालयी हरियाली से घिरी हुई है। अगर आप वीकेंड के दो दिन शांति में बिताना चाहते हैं तो इस जगह पर जाएं।

5/8ऋषिकेश से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे 7 पर देवप्रयाग की ओर ड्राइव करें और फिर महादेव चट्टी या कौडियाला में रुकें। भैरवघाटी/लंका ब्रिज पर गाड़ी खड़ी करके आपको 2.5 किमी का पैदल ट्रेक करना होगा।

6/8इस जगह पर जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मई महीने का है। मानसून के दौरान जाने से बचें क्योंकि लकड़ी के तख्ते और बाकी रास्ते बहुत फिसलन भरे हो जाते हैं।

7/8ऋषिकेश से मिनी गरतांग वैली की पूरी यात्रा 4से 5 घंटे में पूरी हो जाती है।

8/8यहां कोई ऑफिशियल पार्किंग प्लेस नहीं है। आपको महादेव चट्टी के पास हाईवे के किनारे गाड़ी पार्क करनी होगी।
