1/7डायबिटीज आज ज्यादातर लोगों के लिए समस्या का कारण बनी हुई है। लाइफस्टाइल से जुड़ा यह रोग कई गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। जिनमें हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की विफलता, अंधापन, तंत्रिका क्षति और पैरों में समस्याएं (जैसे गैंग्रीन) शामिल होते हैं। अगर आप अपने ब्लड शुगर को नेचुरली कंट्रोल करना चाहते हैं तो अपने रूटीन में इन 6 तरह की चाय को शामिल करना शुरू कर दें।

ग्रीन टी शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकती है क्योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनोल्स रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने, इन्सुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने और भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि को रोकने में मदद कर सकते हैं।

दालचीनी में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन की सेंसिटिविटी को बढ़ाते हैं. इससे शरीर ग्लूकोज को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। 1 इंच दालचीनी की स्टिक को 1 कप पानी में 10 मिनट उबालने के बाद छानकर पिएं।

मेथी में घुलनशील फाइबर (जैसे गैलेक्टोमैनन) और 4-hydroxyisoleucine नामक अमीनो एसिड होता है। 4-hydroxyisoleucine इंसुलिन के स्राव को बढ़ाता है, जबकि घुलनशील फाइबर शुगर के अवशोषण को धीमा करके ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

हिबिस्कस (गुड़हल) की चाय ब्लड शुगर कम करने के साथ-साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस को भी घटा सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं, जिससे शरीर में ग्लूकोज का बेहतर अवशोषण होता है और शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।

जामुन में जम्बोलिन (Jamboline) और जम्बोसिन (Jambosine) नामक यौगिक होते हैं, जो स्टार्च को चीनी में बदलने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। जामुन की सूखी गुठलियों का पाउडर या ताजी पत्तियों की चाय बनाकर पीने से लाभ मिलता है। 1 चम्मच जामुन की गुठली के पाउडर को 1 कप गर्म पानी में 10 मिनट भिगोकर पिएं।

अदरक और हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करते हैं। इस चाय को बनाने के लिए ½ इंच अदरक का टुकड़ा, ¼ चम्मच पाउडर हल्दी, चुटकी भर काली मिर्च उबालकर पिएं।
