
इडली एक सॉफ्ट और हल्का स्टीम्ड फूड है, जिसे चावल और उड़द दाल के घोल से बनाया जाता है। इसे भाप में पकाया जाता है, इसलिए इसमें तेल बहुत कम होता है और यह हेल्दी माना जाता है। इडली आमतौर पर सांभर और नारियल की चटनी के साथ खाई जाती है। आज यह सिर्फ दक्षिण भारत ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक पॉपुलर ब्रेकफास्ट डिश बन चुकी है।

2/8इडली की शुरुआत दक्षिण भारत में मानी जाती है। इतिहासकारों के अनुसार, यह डिश लगभग 1000 साल पहले बनाई जाने लगी थी। उस समय इसे बहुत साधारण तरीके से तैयार किया जाता था। धीरे-धीरे लोगों ने इसमें नए तरीके और स्वाद जोड़ दिए। आज इडली भारतीय खाने की पहचान बन चुकी है और देश के लगभग हर हिस्से में आसानी से मिल जाती है।

3/8कुछ पुराने भारतीय ग्रंथों में भी इडली जैसे व्यंजन का जिक्र मिलता है। कर्नाटक के पुराने साहित्य में भी इडली से मिलती-जुलती डिश के बारे में बताया गया है। उस समय इसे अलग तरीके से बनाया जाता था। धीरे-धीरे इसकी रेसिपी में बदलाव हुए और आज की सॉफ्ट और फूली हुई इडली का रूप सामने आया।

4/8इडली सबसे पहले कर्नाटक और तमिलनाडु में ज्यादा लोकप्रिय हुई। यहां के लोग इसे सुबह के नाश्ते के रूप में खाते थे। धीरे-धीरे यह डिश आसपास के राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश और केरल में भी लोकप्रिय हो गई। समय के साथ इडली दक्षिण भारतीय भोजन की पहचान बन गई।

5/8इडली की खास बात इसका फर्मेंटेशन प्रोसेस है। चावल और उड़द दाल के घोल को कुछ घंटों तक रखा जाता है, जिससे उसमें नेचुरली खमीर बनता है। यही प्रक्रिया इडली को सॉफ्ट और स्पॉन्जी बनाती है। फर्मेंटेशन से इडली का स्वाद भी बेहतर हो जाता है और यह पचने में भी आसान हो जाती है।

6/8समय के साथ इडली दक्षिण भारत से निकलकर पूरे देश में लोकप्रिय हो गई। आज भारत के लगभग हर शहर में इडली आसानी से मिल जाती है। कई लोग इसे हेल्दी नाश्ते के रूप में पसंद करते हैं। होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड स्टॉल पर भी इडली आम तौर पर देखने को मिलती है।

7/8आज इडली चावल-दाल से नहीं, बल्कि कई अलग-अलग चीजों से भी बनाई जाती है। जैसे रवा इडली, मसाला इडली, रागी इडली और मिनी इडली। अलग-अलग जगहों पर लोग अपने स्वाद के अनुसार इसमें बदलाव करते हैं। लेकिन पारंपरिक चावल और दाल वाली इडली आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है।

8/8इडली को हेल्दी फूड माना जाता है क्योंकि यह स्टीम्ड होती है और इसमें तेल ना के बराबर होता है। यह हल्की और आसानी से पचने वाली डिश है, छोटे बच्चे भी आराम से खा पाते हैं। इसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भी अच्छी मात्रा में होते हैं। यही कारण है कि इडली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए एक अच्छा नाश्ता मानी जाती है।
