
होली की आहट तेज होते ही फिजा में गुलाल की खुशबू और रसोई से आती गुजिया की सोंधी महक दिल जीत लेती है। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि उत्तर भारत की गलियों से लेकर देश के हर कोने में बसने वाला एक इमोशन भी है। गुजिया की करारी सुनहरी परत के भीतर छिपा मावे और मेवों का वह शाही संगम जब जुबान पर घुलता है, तो लगता है मानों बसंत के सारे रंग एक साथ स्वाद बनकर जुबान पर उतर आए हों। फिर चाहे दादी-नानी के हाथों का पारंपरिक हुनर हो या आज के दौर के नए फ्यूजन अंदाज, गुजिया की इन 7 वैरायटी के बिना होली की हर महफिल और हर पकवान अधूरा सा लगता है।

2/8यह सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय गुजिया है। इसमें भुना हुआ मावा, चीनी और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स भरे जाते हैं। उत्तर भारत में होली पर यही सबसे ज्यादा बनाई जाती है।

3/8अगर आपको गुजिया लंबे समय तक स्टोर करनी है, तो सूजी वाली गुजिया बेस्ट है। इसमें सूजी को घी में भूनकर नारियल और चीनी के साथ मिलाया जाता है। खाने में यह गुजिया काफी कुरकुरी होती है।

4/8यह गुजिया का एक शाही रूप है। यह गुजिया देखने में गोल आकार की होती है और इसे तलने के बाद चाशनी (Sugar Syrup) में डुबोया जाता है। यह खाने में बहुत ही रसीली और भारी होती है।

5/8महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में इसे 'करंजी' के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ताजे या सूखे नारियल के लच्छों को गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर भरा जाता है। इसका स्वाद काफी अलग और सोंधा होता है।

6/8आजकल बच्चों और फ्यूजन फूड के शौकीनों के लिए यह गुजिया टॉप लिस्ट में है। इसमें मावे के साथ कोको पाउडर या चॉकलेट चिप्स मिलाए जाते हैं। कभी-कभी ऊपर से भी चॉकलेट की लेयर चढ़ाई जाती है।

7/8यह गुजिया का काफी रिच और सेहतमंद विकल्प है। इसमें मावा बहुत कम और काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट की कतरन ज्यादा होती है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें मेवे पसंद हैं।

8/8जो लोग अपनी फिटनेस और कैलोरी का ध्यान रखते हैं, उनके लिए बेक्ड गुजिया बेस्ट ऑप्शन है। इसे घी में तलने की जगह ओवन में बेक किया जाता है, जिससे यह कम ऑयली लेकिन टेस्ट में उतनी ही मजेदार लगती है।
