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31 मई, 2020|10:55|IST

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Holi 2019: होली रंग हो देसी भंग रहे दूर

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बीते कुछ दिनों से मौसम में आयी हल्की-सी गर्माहट इस बात का सबूत है कि गर्मी आने ही वाली है। इसी मौसम में होली का त्योहार खुशियों का रंग लेकर आता है। लेकिन इस मौसम में कई सारी सावधानियां भी जरूरी हो जाती हैं। ऐसी ही सावधानियों के बारे में जानकारी दे रही हैं स्वाति गौड़ रंगों के त्योहार होली में कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में होली के आयोजन, योजनाओं और सावधानियों के बारे में तरह-तरह के विचार मन में आने लगते हैं। होली के मौके पर रंग में भंग ना पड़ जाए, इसके लिए सावधानी जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ सावधानियों के बारे में- रंग खरीदें जरा संभलकर रंगों की खरीदारी करते समय एक बात का ख्याल रखें। रंग हमेशा हर्बल ही खरीदें। लोग अकसर ज्यादा पक्के रंग खरीदने के चक्कर में हानिकारक रसायन युक्त रंग और गुलाल खरीद लेते हैं। इनमें लैड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट और एल्युमिनियम ब्रोमाइड जैसे घातक रसायन मिलाये जाते हैं, जो रंगों को ज्यादा गहरा और पक्का बनाते हैं। ये रंग आंखों और त्वचा पर घातक एलर्जी पैदा कर सकते हैं। हर्बल रंगों से होली खेलने के लिए पानी में टेसू के फूल मिलाये जा सकते हैं, क्योंकि ये त्वचा को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। खरीदारी की योजना बहुत से लोग मानते हैं कि होली के बहाने अपने पुराने कपड़े ठिकाने लगाए जा सकते हैं। यानी अपने पुराने कपड़ों का इस्तेमाल कर उन्हें हटाया जा सकता है। लेकिन अब यह ट्रेंड पुराना हो गया है। अब तो लोग होली पर भी नये कपड़े पहनकर रंग-गुलाल उड़ाते हैं। ऐसे में कपड़ों की खरीदारी में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। सफेद पर खिलेंगे सभी रंग: होली पर सफेद रंग के कुर्ते और पाजामे की तो बात ही निराली होती है। इस साल होली पर अगर आपने अभी तक इस बारे में कुछ प्लान नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए। आप अपने पूरे परिवार संग होली ड्रेसेज की खरीदारी कर सकते हैं, जिनमें बच्चों के लिए धोती-कुर्ता, ब्लू डेनिम के साथ सफेद टी-शर्ट, अपने लिए कुर्ता-पाजामा और व्हाइट सूट के साथ कोई बढ़िया दुपट्टा लिया जा सकता है।

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डिस्पोजेबल्स जरूर लाएं अगर आप अपने घर पर पार्टी की तैयारी कर रहे हैं, तो खाने-पीने के लिए डिस्पोजेबल्स जरूर लेकर आएं, क्योंकि घर के बर्तन इस्तेमाल करने से उन पर रंग आदि लग जाते हैं और त्योहार की शाम तक पूरी रसोई जूठे बर्तनों से भरी नजर आती है। आने वाले मेहमान भी इन बर्तनों में ज्यादा सहज नजर आते हैं। घर को गंदा होने से बचाएं पहले की तरह आज कोई भी हर साल अपना घर पेंट नहीं कराता। इसलिए होली पर अपने घर को अंदर और बाहर से गंदा होने से बचाएं। अगर आप हुड़दंग टैरेस पर, बालकनी में या फिर घर की छत पर मचाने जा रहे हैं, तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर दोस्तों के साथ महफिल घर के किसी कमरे में जमने वाली है, तो सोफे को कवर्स से ढक दें। इसी तरह से डाइनिंग टेबल, कंप्यूटर टेबल, स्टडी टेबल आदि को भी किसी चीज से कवर कर दें। होली के दिन कुछ अखबार ड्रॉइंग रूम में ही रखें। अलग-अलग जगह टिशू पेपर भी रखें। रोजाना इस्तेमाल के तौलियों के बजाय आप कुछ हल्के वाले तौलिये इस दिन इस्तेमाल के लिए निकाल लें।

Holi 2019
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जोश ही नहीं, होश भी रहे कहते हैं कि थोड़ी-सी सावधानी से किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। यह बात होली जैसे त्योहार पर बहुत सटीक बैठती है। इसलिए ध्यान रखें कि प्रेम और सौहार्द के इस मौके पर किसी के रंग लगाने को लेकर जबरदस्ती ना करें। अगर गलती से कोई आप पर थोड़ा-सा रंग डाल भी दे, तो ज्यादा गुस्सा बिल्कुल ना करें।

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रसोई को करें मैनेज होली एक ऐसा त्योहार है, जिस दिन खाने-पीने की कई सारी चीजें घर पर ही बनाई जाती हैं। इसलिए कई चीजें पहले से ही जरूरत के अनुसार अधिक मंगा लें। ध्यान रखें कि तली-भुनी या कोई भी मसालेदार चीज बहुत अधिक मात्रा में ना बनाएं। ऐसी कोई भी चीज आप अगले दिन नहीं खाएंगे। इसलिए जहां तक हो सके खाने-पीने के सामान की बर्बादी ना होने दें। भांग का सेवन तो बिल्कुल ना करें।

hair care
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त्वचा और बालों की देखभाल इसमें दो राय नहीं कि होली के रंगों से सबसे ज्यादा बुरा असर आपके बालों और त्वचा को पहुंचता है। रंगों में मिले हानिकारक तत्व और रसायन त्वचा के सम्पर्क में आते ही रिएक्शन शुरू कर देते हैं, जिसकी वजह से त्वचा पर रैशेज, खुरदुरापन, जलन और रूखापन आने लगता है। इसलिए अच्छा रहेगा कि होली से एक दिन पहले ही आप अपने बालों में अच्छी तरह से तेल लगा लें। अगले दिन होली खेलने के बाद जब आप नहाएं, तो अच्छी तरह शैम्पू से अपने बालों को धोएं। इसी तरह जहां तक हो सके, हनिकारक रंगों के संपर्क में आने से अपनी त्वचा को बचाएं। अगर कोई रंग बहुत बुरी तरह से आपकी त्वचा पर पक्का हो गया है, तो उसे किसी रसायन से छुड़ाने की बजाय दही, हल्दी और शहद के बने उबटन से छुड़ाएं। आंखों में रंग चले जाने परे उसे ठंडे पानी के हल्के झींटों से बाहर निकालें और बाद में कोई जलन रहित आईड्रॉप आंखों में डालें। ’ अगर घर में किसी को सांस की दिक्कत है, तो उन्हें रंगों से दूर ही रखें ’ होली के पहले एक बार डॉक्टर से मिल लें, ताकि जरूरी हो तो वह दवा की डोज बढ़ा दें ’ मास्क लगाकर ही रखें, ताकि रंग के बारीक कण सांस के जरिये शरीर में प्रवेश न कर सकें ’ इन्हेलर नियमित समय पर लें ’ सिर्फ गुनगुना पानी पिएं। (सांस चेस्ट क्लिनिक की एलर्जी विशेषज्ञ डॉ. शिवानी स्वामी व ओशिया हर्बल्स के स्किन एवं हेयर केयर एक्सपर्ट दिलीप कुंडलिया से की गई बातचीत पर आधारित)

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